शिवपुरी: जिले की पोहरी तहसील अंतर्गत आने बाले ग्राम पंचायत बमरा के ग्राम बीलवरा में सचिव ने शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत ली, लेकिन फिर भी 2 साल से काम नहीं किया. जिसकी शिकायत आज पीड़ित ने कलेक्टर से की है.
जानकारी के अनुसार मनोज आदिवासी पुत्र रामहेत आदिवासी निवासी ग्राम बीलवरा खुर्द ग्राम पंचायत बमरा तहसील पोहरी ने बताया कि उसकी पत्नी रवीना आदिवासी की मृत्यु 14 जून 2024 को हो गई थी. जिसके बाद मृतिका की पुत्री ललित आदिवासी और बेटे मनीष मोनिश का नाम खाद्यान्न पर्ची में नहीं जोड़ा है. जिसके एवज में 10 हजार की रिश्वत की मांग की गई. रिश्वत देने के बाद भी आज 2 साल होने के बाद भी शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिला है. जिसके बाद पीड़ित ने बताया की सेक्रेटरी से बात की गई तो उसने कहा कि मैं ग्राम पंचायत बमरा का सचिव हूं. जिसकी शिकायत आज लिखित में पीड़ित ने कलेक्टर से की है और कार्रवाई की मांग की है.
इस मामले में सेक्रेटरी राजकुमार शर्मा का कहना है कि रामहेत ने पहले 84000 वाला आवास बनवा लिया है और अब 2 लाख 20 हजार का आवास आ रहा है. जिसके चलते वह दूसरे आवास के लिए दवाब बना रहा है. वहीं देवकीनंदन शर्मा जो कि उसके साथ जाता है उसकी पहली किस्त आ चुकी है जो कि उसने अन्य कार्यों में लगा दी है. जबकि पहली किस्त के निर्माण के बाद ही दूसरी किस्त जारी होती है. ऐसे में वह दूसरी किस्त बिना निर्माण के जारी करवाना चाहता है.







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