शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की कुर्सी पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में जुटे पार्षद अब किसी भी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इसी क्रम में शनिवार को 11 पार्षद करैरा स्थित बगीचा सरकार हनुमान मंदिर पहुंचे और अध्यक्ष के खिलाफ अपने संकल्प को मजबूत करने के लिए सद्बुद्धि हेतु सुंदरकांड का पाठ किया।
इससे पहले 13 जून को 20 से ज्यादा पार्षद करैरा के इसी मंदिर में एकत्र होकर अध्यक्ष को हटाने की कसम खा चुके थे। इसके बाद 11 अगस्त को 22 पार्षदों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए, जिनमें नगर पालिका में बैठकों का न होना, फर्जी भुगतान, कर्मचारियों का वेतन अटकना, पेंशन घोटाला और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव शामिल है।
इसी सिलसिले में 19 अगस्त को तहसीलदार ने 22 पार्षदों को नोटिस जारी कर 25 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय में सुनवाई तय की है।
भाजपा संगठन भी सक्रिय
इस बीच अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए भाजपा संगठन ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार रात भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, विधायक देवेंद्र जैन और पूर्व जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने बागी पार्षदों से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, पदाधिकारियों ने पार्षदों से कुछ समय और मांगा ताकि अध्यक्ष के कार्यकाल की समीक्षा की जा सके, लेकिन पार्षदों ने साफ इनकार कर दिया।
शनिवार को सुंदरकांड पाठ में शामिल पार्षदों ने कहा कि उनके पांच साथी भोपाल में होने और एक की तबीयत खराब होने के कारण नहीं आ पाए, लेकिन सभी का रुख एक जैसा है। उनका कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और अध्यक्ष को हटाने के अपने संकल्प पर अडिग हैं।
अब 25 अगस्त की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब सारी निगाहें 25 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। कलेक्टर न्यायालय में अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई के दौरान हस्ताक्षर करने वाले पार्षदों की पहचान आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों से की जाएगी। इसके बाद कलेक्टर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।







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