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भरण-पोषण की याचिका खारिज, महिला के पास अलग रहने का उचित कारण नहीं : न्यायालय / Shivpuri News

शिवपुरी। प्रधान कुटुंब न्यायालय शिवपुरी की न्यायाधीश शालिनी शर्मा सिंह ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में महिला पक्ष की भरण-पोषण की याचिका खारिज कर दी।

मामले में आवेदिका श्रीमती रागिनी उर्फ भूमि, पत्नी डॉ. खेमचंद उर्फ अंकित, निवासी बैंक कॉलोनी, कलारबाग, थाना कोतवाली, शिवपुरी, ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के अंतर्गत भरण-पोषण हेतु याचिका दायर की थी।

विपक्षी डॉ. खेमचंद उर्फ अंकित, पुत्र भगवान सिंह शिवहरे, निवासी पुनीत टॉकीज, सुढालिया रोड, ब्यावरा, जिला राजगढ़, की ओर से अधिवक्ताओं पंकज आहूजा, चंद्रशेखर भार्गव, आयुषी सिंह राणा, आकाश जैन और सनोवार मिर्जा ने पैरवी की।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि आवेदिका बी.कॉम उत्तीर्ण, पढ़ी-लिखी महिला हैं और उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि वह आय अर्जित करने में सक्षम हैं। साथ ही, उनके पृथक रहने का कोई उचित और पर्याप्त कारण भी साबित नहीं हुआ। न्यायालय के अनुसार, आवेदिका बिना किसी कारण पति का परित्याग कर अलग रह रही हैं।

हालांकि यह तथ्य निर्विवाद रहा कि अनावेदक बीएएमएस डॉक्टर हैं और उनका स्वयं का आयुर्वेदिक क्लीनिक व मेडिकल स्टोर है, लेकिन उनकी वास्तविक आय डेढ़ लाख रुपये मासिक होने के संबंध में कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

इन परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने माना कि आवेदिका भरण-पोषण पाने की पात्र नहीं हैं और उनकी याचिका स्वीकार योग्य न होने से निरस्त कर दी।

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