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सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति पर NSUI का विरोध प्रदर्शन, 11 स्कूलों का निरीक्षण, टपकती छतें, गंदे शौचालय और पानी की कमी उजागर / Shivpuri News

शिवपुरी: राजस्थान के झालावाड़ में हाल ही में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से सात बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद एनएसयूआई ने शिवपुरी जिले के स्कूलों की जमीनी हकीकत उजागर की है। रविवार को एनएसयूआई ने प्रेसवार्ता कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष शांतनू कुशवाह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के निर्देश पर “सरकारी स्कूलों की पोल खोल अभियान” शुरू किया गया है।

इस अभियान के तहत एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शिवपुरी शहर के 9 और पिछोर क्षेत्र के 2 स्कूलों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान स्कूलों की हालत अत्यंत खराब पाई गई। कई विद्यालयों की छतें जर्जर हैं, जिनसे बारिश का पानी टपकता है। कुछ स्कूलों में पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है।

एनएसयूआई ने सदर बाजार, पुरानी शिवपुरी कन्या विद्यालय, मदकपुरा, सईसपुरा समेत अन्य स्कूलों का दौरा किया। यहां गंदे शौचालय, खस्ताहाल भवन और असुरक्षित कक्षाएं देखने को मिलीं। स्कूल प्राचार्यों ने बताया कि वे इस स्थिति की जानकारी विभाग को कई बार दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

एनएसयूआई का आरोप है कि शासन, प्रशासन और शिक्षा विभाग तब तक कार्रवाई नहीं करेंगे जब तक कोई हादसा न हो जाए। शांतनू कुशवाह ने चेताया कि यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी, तो एनएसयूआई जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ कलेक्ट्रेट और मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी करेगी।

उन्होंने कहा कि जब शहरी क्षेत्र के स्कूलों की यह दशा है, तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

एनएसयूआई की मांग है की सभी शासकीय स्कूलों की तुरंत जांच कराई जाए। जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए तत्काल बजट जारी किया जाए। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तय समय-सीमा में कार्रवाई हो। प्रत्येक स्कूल में स्वच्छ शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की जाए।

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