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पांच माह बाद होने वाली नगर पालिका परिषद की बैठक कोरम के गणित में उलझकर हुई स्थगित / Shivpuri News

नेताओं ने भाजपा ही नहीं कांग्रेस के पार्षदों के दर पर भी दी दस्तक, फिर भी नहीं कर सके कोरम पूरा
आधी रात को लिया परिषद की बैठक स्थगित करने का निर्णय, सुबह पार्षदों के घर पहुंचाई सूचना
नपा से जुड़े लोग बोले, वर्षों के इतिहास में कोरम पूरा न हो पाने के चलते बैठक स्थगित की गई
शिवपुरी।पांच महीने बाद 4 अगस्त को होने जा रही शिवपुरी नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक कोरम के गणित में उलझकर स्थगित हो गई। अब यह बैठक अगली बार कब बुलाई जाएगी यह स्पष्ट नहीं है। खास बात यह है कि इस बैठक में कोरम को पूरा करवाने के लिए भाजपा नेताओं तक कई सिंधियानिष्ठों ने भी शनिवार को आधी रात तक एड़ी-चोटी का जोर लगाया। भाजपा के पार्षदों सहित कांग्रेसी पार्षदों को भी मनाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इसके बाबजूद नगर पालिका परिषद के कोरम को पूरा करने के लिए पार्षद नहीं जुटा पाए। अंत में देर रात यह निर्णय लिया गया कि नगर पालिका परिषद की बैठक को स्थगित किया जाए। रविवार की सुबह सभी पार्षदों को वाट्सएप व पत्र के माध्यम से बैठक स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। नपा से जुड़े नेताओं और अन्य लोगों का कहना है कि वर्षों के इतिहास मे ऐसा पहली बार हुआ है कि नपा की सामान्य सभा की बैठक में कोरम पूरा न होने के भय के चलते बैठक को स्थगित किया गया है। इस संबंध में बात करने के लिए जब नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा को फोन लगाए गए तो उन्होंने फोन काट दिए। 

विरोध कर रहे भाजपाई पार्षदों ने कर दिया था बहिष्कार
बैठक को लेकर जब विरोध कर रहे भाजपाई पार्षदों में शामिल सरोज रामजी ब्यास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 4 अगस्त को होने वाली नगर पालिका परिषद की बैठक में उन्होंने न जाने का निर्णय लिया था। वह इस परिषद की बैठक का बहिष्कार करते, ताकि बैठक का कोरम पूरा न हो। पार्षद राजू गुर्जर के अनुसार भाजपा के पदाधिकारियों और नेताओं ने सभी पार्षदों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन पार्षदों सभी नेताओं के समक्ष स्पष्ट कर दिया कि गायत्री शर्मा के भ्रष्टाचार के विरोध में इस बैठक का बहिष्कार कर रहे हैं।

कांग्रेस ने लिया था बहिष्कार का निर्णय
इस संबंध में जब नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा से बात की गई तो उनका कहना था कि नगर पालिका परिषद की इस बैठक के बहिष्कार के लिए जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा भी बैठक का आयोजन किया गया था। सभी पार्षदों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि नगर पालिका में अध्यक्ष और अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों से सांठगांठ करके किए जा रहे भ्रष्टाचार के विरोध में बैठक का बहिष्कार करना है। अगर बैठक होती तो 4 अगस्त को सभी कांग्रेसी पार्षदों सहित पूरे कांग्रेस पदाधिकारी नगर पालिका के गेट पर बैठ कर भ्रष्टाचार में लिप्त नगर पालिका का विरोध करते हुए नजर आते।

क्या है कोरम का गणित
-नगर पालिका में कुल पार्षदों की संख्या 39 है।
-नगर पालिका परिषद की बैठक का काेरम पूरा करने के लिए कम से कम 13 पार्षदों की आवश्यकता थी।
-कांग्रेस के 10 पार्षदों ने नपा के बाहर प्रदर्शन करने का निर्णय ले लिया था।
-भाजपा और भाजपा समर्थित 20 पार्षदों ने नपाध्यक्ष के भ्रष्टाचार के विरोध के क्रम में कसम खाकर बहिष्कार का निर्णय लिया था।
-ऐसे में नपा की बैठक के लिए कोरम पूरा करने 13 पार्षदों की संख्या भी पूरी नहीं हो रही थी।

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