Press "Enter" to skip to content

नरवर में एसडीएमएफ योजना के तहत निर्मित नाला बना मिसाल, भारी बारिश में भी रहा अडिग / Shivpuri News

जांच में साबित हुई निर्माण की गुणवत्ता, स्थानीय निवासियों ने जताया नगर परिषद का आभार

करैरा: नरवर नगर परिषद ने वर्ष 2024-25 में एसडीएमएफ योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की, जिसमें लोड़ी माता मंदिर से धुवाई दरवाजे होते हुए तालाब तक नाले का निर्माण किया गया। इस परियोजना के लिए 2.14 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए और कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स फिरोज खान, नरवर को सौंपी गई। निर्माण शुरू होने के बाद स्थानीय विधायक रमेश खटीक ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और इस मुद्दे को विधानसभा में ले गए। उन्होंने 25 मार्च 2025 को पत्र क्रमांक 639 के माध्यम से माननीय मंत्री से जांच की मांग की। इसके जवाब में संभागीय अधीक्षण यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास, ग्वालियर चंबल संभाग ने जांच की और 26 जून 2025 को पत्र क्रमांक 998 के साथ अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस जांच में गुणवत्ताहीन कार्य का कोई उल्लेख नहीं मिला और संचालनालय ने 2 जुलाई 2025 को पत्र क्रमांक 7268 के जरिए विधायक को सूचित किया कि निर्माण कार्य पूरी तरह सही है। इस वर्ष शिवपुरी जिले, जिसमें करैरा विधानसभा क्षेत्र और नरवर नगर पंचायत शामिल हैं, में 100 साल का बारिश का रिकॉर्ड टूटा। भारी वर्षा ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचाई, लेकिन नरवर का यह नवनिर्मित नाला इस कठिन परीक्षा में खरा उतरा। भारी बारिश के बावजूद नाले ने बिना किसी समस्या के शानदार प्रदर्शन किया और इसकी मजबूती व गुणवत्ता साबित हुई। जांच में गुणवत्ताहीन कार्य का उल्लेख न होना और बारिश में नाले की सफलता ने यह साबित किया कि मेसर्स फिरोज खान ने कार्य को बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया। यह परियोजना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए राहत लेकर आई, बल्कि नरवर नगर परिषद की योजना और कार्यान्वयन की क्षमता को भी उजागर करती है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद के अध्यक्ष, सीएमओ, इंजीनियर और सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। नाले की गुणवत्ता इतनी बेहतरीन थी कि अभूतपूर्व बारिश में भी यह ओवरफ्लो होकर बिना किसी नुकसान के काम करता रहा, जबकि इस बारिश में बड़े-बड़े पुल और सड़कें तबाह हो गईं। कुछ जनप्रतिनिधियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नाले की शिकायतें केवल द्वेषवश की गईं, ताकि नगर परिषद का मनोबल तोड़ा जाए और विकास कार्य बाधित हों। उन्होंने यह भी कहा कि करैरा विधानसभा की सबसे बड़ी नगर परिषद करैरा के हालात दयनीय हैं, लेकिन वहां न तो विधानसभा में कोई चर्चा होती है और न ही शिकायतें उठती हैं।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!