शिवपुरी: जिले की सबसे बड़ी तहसील करैरा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पांडे का एकमात्र स्मारक लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। 7 लाख रुपये की लागत से नगर पंचायत द्वारा स्मारक निर्माण का कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका। ठेकेदार ने स्मारक के चारों ओर गहरे गड्ढे खोदकर आधे-अधूरे पिलर डाल दिए, जो अब जंग खाकर अपनी पहचान तक खो रहे हैं। लोगों को उम्मीद थी कि करैरा का यह एकमात्र स्टेच्यू भव्य और प्रेरणादायी रूप लेगा, लेकिन समय बीतता गया और जिम्मेदारों ने इसकी सुध तक नहीं ली। इस दौरान नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव सिकरवार ने भी निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही और घटिया सामग्री का खुलासा करते हुए कार्य को रुकवाया था। पिलर तक तुड़वाए गए, लेकिन उसके बाद पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। नतीजा यह है कि आज भी स्मारक अधूरा, असुरक्षित और बदहाल स्थिति में पड़ा है। जिन पिलरों पर इतिहास लिखा जाना था, वे अब गड्ढों में डूबे धूल फांक रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर बनने वाला स्मारक इस हाल में है तो नगर के अन्य विकास कार्यों की क्या स्थिति होगी, यह समझना मुश्किल नहीं है।
अब जबकि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व में चंद दिन शेष हैं, स्मारक की यह हालत नगर परिषद और प्रशासन के लिए शर्मनाक स्थिति पैदा कर रही है। नगर के लोग पूछ रहे हैं कि हर वर्ष झंडा फहराकर और माला चढ़ाकर औपचारिकता निभाने वाले जनप्रतिनिधि इस स्मारक की दुर्दशा पर आखिर चुप क्यों हैं? हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और करैरा नगर परिषद की बागडोर भी भाजपा के पास है, फिर भी विकास के पहिए यहां पूरी तरह थमे हुए हैं। न तो कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का जायजा ले रहा है, न ही ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई की गई है। हाल ही में नए सीएमओ गोपाल गुप्ता ने कार्यभार संभाला है, लेकिन उनकी नियुक्ति के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द ही स्मारक का निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे का यह स्मारक सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि देश के गौरव और बलिदान की पहचान है। इसे अधूरा छोड़ना और राजनीतिक-प्रशासनिक उपेक्षा में सड़ने देना पूरे राष्ट्र के स्वाभिमान का अपमान है। जनता अब इंतजार नहीं करना चाहती — या तो स्मारक को सम्मान मिले, या फिर जिम्मेदारों को जवाब देना होगा।
इनका कहना है।
मुझे अभी आये हुए 10-12 दिन ही हुए है दिखवा लेता हूँ। जल्द काम शुरु करवा देंगे।
गोपाल गुप्ता सीएमओ नगर परिषद करैरा







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