जातिसूचक शब्द उपयोग करने एवं उचित कार्रवाई की लगाई गुहार
शिवपुरी: जिले के करैरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) रोहित भदकारिया पर आशा कार्यकर्ताओं सुमन वंशकार और राजकुमारी लोधी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें जातिसूचक गाली-गलौज, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार, शराब के नशे में निरीक्षण, और धमकी देने जैसे संगीन इल्जाम शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को आवेदन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दोनों आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 18 जुलाई को बीएमओ ने उन्हें 19 जुलाई की मीटिंग के लिए सूचित किया। इस बैठक में सुमन वंशकार और राजकुमारी लोधी को निशाना बनाया गया। सुमन के अनुसार, उनके हाथ में चोट थी, जिसे बीएमओ ने अपमानजनक ढंग से “किसी के द्वारा काटने” का तंज कसते हुए सभी के सामने उनकी बेइज्जती की। विरोध करने पर उन्हें मीटिंग से बाहर निकाल दिया गया। राजकुमारी लोधी ने खुलासा किया कि बीएमओ बार-बार उनसे उप-स्वास्थ्य केंद्र के एग्रीमेंट की मांग करते हैं, जबकि यह उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। इसके बावजूद, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
आरोपों के मुताबिक, बीएमओ रोहित भदकारिया नशे की हालत में क्षेत्र का भ्रमण करते हैं और महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। राजकुमारी ने बताया कि बीएमओ ने उनके घर में बिना अनुमति प्रवेश कर मोबाइल से वीडियो बनाया और एफआईआर की धमकी दी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनके पति द्वारा संचालित उप-स्वास्थ्य केंद्र का किराया पिछले दो वर्षों से ग्वालियर के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय द्वारा भुगतान किया जाता है, जो जिला प्रशासन के आदेशानुसार है। फिर भी, बीएमओ द्वारा अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।
सुमन और राजकुमारी ने बताया कि बीएमओ ने सीएमएचओ और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी प्रशासनिक पत्रों का भी अपमान किया। शिकायतकर्ताओं को लगातार धमकियां दी जाती हैं, जिसमें थाने में शिकायत दर्ज कराने और नौकरी से हटाने की चेतावनी शामिल है। इन कृत्यों से दोनों आशा कार्यकर्ताओं को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, ग्वालियर में शिकायत दर्ज कर बीएमओ के खिलाफ एफआईआर की मांग की है।
महिलाओ से करते है अपमानजनक भाषा का प्रयोग
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बीएमओ की मनमानी के कारण कार्यस्थल पर असुरक्षित माहौल है। महिलाओं के साथ अपमान जनक व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणियां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का गंभीर मुद्दा उठाता है। आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण है, और ऐसे में उनके साथ दुर्व्यवहार न केवल उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि समुदाय की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर डालता है। शिकायतकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी और दोषी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इनका कहना है
मेरे संज्ञान में नहीं है जो भी शिकायत की गई होगी वह झूठी एवं निराधार होगी एक आशा कार्यकर्ता से एग्रीमेंट मांगा गया था उसकी बिल्डिंग टूटी फूटी होने की जानकारी प्राप्त हुई थी। इससे भी शिकायत कर सकती है।
रोहित भदकारिया बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा







Be First to Comment