शिवपुरी जिले में 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें बंद हैं और हालात इतने बिगड़ गए कि रेस्क्यू ऑपरेशन तक की नौबत आ गई। मंगलवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों में चार बड़ी घटनाएं सामने आईं, जिनमें कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई। गनीमत रही कि समय पर एसडीईआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया और हादसा टल गया।
कोलारस विधानसभा के पिछोर राई रोड पर आज सुबह किलाऊनी गांव निवासी जयपाल धाकड़ का लोडिंग वाहन तेज बहाव में बह गया। वाहन में कद्दू भरे थे, जिसे वे ग्वालियर मंडी ले जा रहे थे। तेज बहाव के बावजूद ड्राइवर ने पुलिया पार करने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी फिसलकर पलट गई और उसमें भरे करीब 50 हजार रुपए के कद्दू पानी में बह गए। वाहन को भी काफी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि जयपाल और ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचा ली।
सजाई गांव में नदी के टापू पर फंसा परिवार, बोट से रेस्क्यू
रन्नौद थाना क्षेत्र के सजाई गांव में राघवेन्द्र केवट, उनकी पत्नी प्रीति और छह साल का बेटा प्रियांश टापू जैसे इलाके में फंस गए। लगातार बारिश से चारों ओर पानी भर गया और परिवार घर में ही कैद हो गया। सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बोट के जरिए तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गांव में पुलिया पर पानी आने से मरीज को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। हार्ट पेशेंट श्याम किरार की तबीयत अचानक बिगड़ी, परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने निकले थे, लेकिन तेज बहाव के कारण पुल पार करना संभव नहीं था। वे वापस लौटने को मजबूर हो गए। ग्रामीण अब पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
इमलाउदी में नदी में फंसे युवक को रेस्क्यू कर निकाला
इंदार थाना क्षेत्र के इमलाउदी गांव में रामदयाल पाल बरसाती नदी पार करते समय बीच बहाव में फंस गया। जलस्तर अचानक बढ़ने से वह बीच में ही अटक गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची एसडीईआरएफ टीम ने बोट की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
लगातार बारिश से जिले में खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नदी-नालों और पुल-पुलियों के पास न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन या आपदा राहत टीम को तत्काल सूचना दें ताकि समय पर मदद पहुंचाई जा सके।









