शिवपुरी में सावन के पहले सोमवार को जहां जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं करैरा जनपद की सिरसौद पंचायत में स्थित प्राचीन सुडेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए खतरा बना हुआ है। श्रद्धालु मंदिर पहुंचने के लिए उफनती महुअर नदी और डूबे हुए रास्तों को पार कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, सिरसौद पंचायत से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित नावली डेम के दो गेट शनिवार से खोले जा चुके हैं। इससे महुअर नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। वहीं, सिरसौद से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित सुडेश्वर महादेव मंदिर नदी के बीच टापू पर बना है। मंदिर तक पहुंचने के लिए एक पुलिया बनी है, लेकिन डेम से पानी छोड़े जाने के कारण पुलिया और मंदिर तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।
इसके बावजूद आज सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु डूबे हुए रास्तों को पार कर मंदिर तक पहुंच रहे हैं। लोग घुटनों से लेकर कमर तक पानी में चलकर पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि मंदिर तक सुरक्षित पहुंच के लिए न तो कोई नाव, न रस्सी, न ही कोई चेतावनी बोर्ड या पुलिस की व्यवस्था की गई है।







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