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चैक पोस्ट प्रभारी अशोक शर्मा का आतंक ,सिंकदरा परिवहन चेकपोस्ट बना अवैध वसूली का अड्डा / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले में स्थित सिंकदरा परिवहन चेकपोस्ट अब ट्रक चालकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। यह चेकपोस्ट, जिसे वाहनों की जाँच और परिवहन नियमों को लागू करने के लिए बनाया गया था, अब चेकपोस्ट प्रभारी अशोक शर्मा के नेतृत्व में अवैध वसूली का केंद्र बन चुका है। सूत्रों के अनुसार, अशोक शर्मा ने अपने साथ दो दर्जन से अधिक प्राइवेट गुंडों को रखा है, जो उनकी सरपरस्ती में ट्रक चालकों से दिन-रात जबरन पैसे वसूलते हैं। सुबह, दोपहर, और रात, हर समय प्रति ट्रक कम से कम 1000  रुपये की वसूली हो रही है, बिना किसी रसीद या वैध दस्तावेज के। यह राशि चालकों पर भारी पड़ रही है। कई चालकों ने बताया कि अगर वे पैसे देने से मना करते हैं, तो उन्हें धमकियाँ मिलती हैं, और उनके वाहनों को घंटों रोका जाता है। एक चालक, रामेश्वर सिंह, ने कहा, “हम दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन यह लूट हमारी कमाई छीन रही है। यह चेकपोस्ट अब डाकुओं का अड्डा बन चुका है।” इस तरह की गुंडागर्दी ने न केवल चालकों का जीना मुहाल कर दिया है, बल्कि परिवहन व्यवसाय को भी गहरे संकट में डाल दिया है।

हाइवे पर घंटों का लग रहा जाम, अशोक शर्मा की मनमानी से बनते है यह हालात

सिंकदरा चेकपोस्ट पर अशोक शर्मा और उनके गुंडों की मनमानी का असर केवल ट्रक चालकों तक सीमित नहीं है। इस अवैध वसूली के कारण हाइवे पर 2-2 किलोमीटर तक लंबे जाम लग रहे हैं, जिससे आम यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों का कहना है कि वसूली के लिए ट्रकों को लंबे समय तक रोका जाता है, जिससे हाइवे पर ट्रैफिक ठप हो जाता है। कई बार यात्रियों को घंटों इंतज़ार करना पड़ता है, जिससे उनका समय और धैर्य दोनों  साथ छोड़ देते है । स्थानीय निवासी रितुराज यादव ने गुस्से में कहा, “यह चेकपोस्ट अब हाइवे को जाम करने का कारण बन रहा है। अशोक शर्मा और उनके गुंडे खुलेआम लूट मचा रहे हैं, और प्रशासन खामोश है।” इस जाम की वजह से न केवल चालकों बल्कि स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों का रोज़मर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है। चालकों ने यह भी खुलासा किया कि वसूली का यह खेल इतना संगठित है कि इसके बिना चेकपोस्ट से गुजरना असंभव है। यह स्थिति न केवल परिवहन व्यवस्था को प्रभावित कर रही है, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर डाल रही है।

परिवहन विभाग की साख पर बट्टा लगाता चैक पोस्ट सिकंदरा

मध्य प्रदेश सरकार ने कुछ साल पहले भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की शिकायतों के चलते कई परिवहन चेकपोस्टों को बंद करने का फैसला लिया था। यह कदम सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा था। लेकिन सिंकदरा चेकपोस्ट पर अशोक शर्मा के नेतृत्व में चल रहा यह लूटतंत्र इस नीति की धज्जियाँ उड़ा रहा है। चालकों का कहना है कि यह अवैध वसूली उनके व्यवसाय को ठप करने की कगार पर ले आई है। एक चालक, मुकेश कुमार, ने कहा, “हमारी कमाई का बड़ा हिस्सा इस चेकपोस्ट पर लुट रहा है। अगर यही हाल रहा, तो हमारा व्यवसाय खत्म हो जाएगा।” यह स्थिति परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रही है। अशोक शर्मा की गुंडागर्दी ने न केवल विभाग की साख को मिट्टी में मिलाया है, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार की छवि को भी धूमिल किया है। स्थानीय लोग और चालक इस बेलगाम भ्रष्टाचार के खिलाफ गुस्से में हैं और जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक है कि एक सरकारी चेकपोस्ट डाकुओं के अड्डे में तब्दील हो चुकी है।

ट्रक ड्राइवरों एवं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की माँग की

सिंकदरा चेकपोस्ट पर हो रही इस लूट के खिलाफ ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा चरम पर है। उन्होंने जिला प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार से इस मामले की गहन जाँच और अशोक शर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। सूत्रों के अनुसार, इस चेकपोस्ट का उपयोग अवैध खनन और परिवहन माफियाओं के लिए भी एक सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। चालकों ने चेतावनी दी है कि अगर इस लूट को जल्द नहीं रोका गया, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। एक चालक, रमेश यादव, ने कहा, “हम मेहनत करके दो पैसे कमाते हैं, लेकिन यह चेकपोस्ट हमारी कमाई लूट रही है। अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो हम सड़कों पर उतरेंगे।” जिला प्रशासन की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। यह जरूरी है कि सरकार इस लूटतंत्र की जाँच करे और अशोक शर्मा और उनके गुंडों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे। साथ ही, इस चेकपोस्ट को बंद करने या इसकी कार्यप्रणाली में सुधार करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि चालकों को राहत मिले और परिवहन व्यवसाय को नुकसान से बचाया जा सके।सिंकदरा परिवहन चेकपोस्ट पर अशोक शर्मा के नेतृत्व में चल रहा यह अवैध वसूली का खेल मध्य प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग की नाकामी को उजागर करता है। यह स्थिति न केवल चालकों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है, बल्कि पूरे परिवहन व्यवसाय को संकट में डाल रही है। सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना होगा और इस लूटतंत्र को जड़ से खत्म करना होगा।

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