शिवपुरी: शहर की राजनीति में चल रही खींचतान के बीच शनिवार शाम को नगरपालिका के कई पार्षदों ने शहर के मध्य स्थल माधव चौक पर सुंदरकांड का आयोजन किया। इस आयोजन में न केवल पार्षद शामिल हुए, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की भी उपस्थिति रही। आयोजन धार्मिक स्वरूप में जरूर था, लेकिन इसके पीछे छिपे राजनीतिक संकेतों को नकारा नहीं जा सकता।
सूत्रों की मानें तो यह सुंदरकांड नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ बढ़ते असंतोष और विरोध की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से पार्षद अध्यक्ष के कार्यप्रणाली से असहमत हैं और अब उन्होंने जनभावनाओं को साथ लेकर विरोध के इस आध्यात्मिक माध्यम को चुना है।
हालांकि पार्षदों ने आयोजन को केवल धार्मिक बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे एक “शांतिपूर्ण शक्ति प्रदर्शन” और “नया राजनीतिक संकेत” माना जा रहा है। इससे पहले भी अध्यक्ष को हटाने की मांग को लेकर कई बैठकें, ज्ञापन और रणनीतियां सामने आ चुकी हैं।
शहर की जनता के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि सुंदरकांड के इस अध्याय के बाद नगरपालिका की राजनीति किस दिशा में जाती है।







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