शिवपुरी: शहर में कोर्ट रोड पर रहने वाले व्यवसायी आनंद चौधरी के बेटे विजय चौधरी का 31 साल की उम्र में दिल्ली के जेबी पंत हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया। खास बात यह है कि शरद पूर्णिमा के दिन ही विजय का जन्म हुआ और उसी दिन वह जिंदगी की जंग हार गए। महत्वपूर्ण बात यह है कि मृत्यु से पहले विजय ने अपने अंगदान करने की इच्छा जताई, लेकिन दिल्ली जैसी जगह में भी डॉक्टर अंगों को निकालने का इंतजाम नहीं कर सके और परिजन 6 घंटे के लंबे इंतजार के बाद बिना अंगदान किए शिवपुरी वापस आने मजबूर हो गए।
मृतक विजय के चाचा मनोज चौधरी ने बताया कि 10 अक्टूबर की रात अचानक विजय का स्वास्थ्य बिगडा। उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए जहां ईसीजी देखने के बाद उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। ग्वालियर में डॉ. आकाश मोदी ने जांच के बाद उन्हें दिल्ली जेबी पंत हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। विजय को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उनके फेफड़े काम नहीं कर पा रहे थे। मंगलवार रात 11.30 बजे जब उनकी हालत बिगडी तो उन्हें वेंटिलेटर लेने से पहले ही उनकी मौत हो गई। विजय ने मृत्यु होने पर अंगदान की इच्छा जताई थी लेकिन डॉक्टर उनके अंगों को नहीं निकाल सके।
चाचा मनोज चौधरी का कहना है कि डॉक्टर्स ने अंग नहीं निकाले तो उनसे सभी ने कहा कि कम से कम आंखें दान करवा दीजिए, लेकिन डॉक्टर्स 6 घंटे इंतजार कराने के बाद भी विजय की आंखों को नहीं निकाल सके। इससे परिजन को निराशा हुई और बेटे की अधूरी इच्छा के साथ शव लेकर शिवपुरी आ गए। यहां बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।परिजन के अनुसार, विजय को तीन साल पहले कोरोना हुआ था। जांच करने वाले डॉक्टर ने बताया कि जिन लोगों को गंभीर स्तर का कोरोना रह चुका है, उनकी इस प्रकार अचानक मौत के मामले सामने आ रहे हैं। विजय घर के इकलौते चिराग थे और 4 साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। उनकी 3 साल की बेटी भी है।
कोर्ट रोड निवासी विजय चौधरी का 31 साल की उम्र में दिल्ली में निधन, जन्मदिन पर हारी जंग, अंगदान भी नहीं कर पाए / Shivpuri News




