शिवपुरी: जिले के ग्राम जामखो में 2 आदिवासी की कुटीर की किस्त नहीं डाली गई हैं. 8 माह से परिवार खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं. गर्मियों एवं बरसात का सीजन बाहर ही बिताना पड़ा.
जानकारी के अनुसार गजराज सिंह आदिवासी पुत्र सुरेश आदिवासी एवं लल्लीराम आदिवासी सुरेश आदिवासी निवासी ग्राम पंचायत जामखों ने बताया की 8 माह पूर्व हमारी कच्ची टपरिया को हमारी पंचायत जामखों के सहायक सचिव धर्मेन्द्र धाकड़ एवं सचिव धर्मेन्द्र चतुर्वेदी ने हमारी टपरिया मिटा दी और कहने लगे की कुटीर मिलेगी इसके बाद हमारा नाम कुटीर में आ गया लेकिन कुटीर बनाने का भुगतान नही किया गया.
इस कारण हमें पूरी बारिश खुले में काट दी जब भी हम सहायक एवं सचिव से बात करते है तो वह टालते रहते है जब हम लोगों ने कुटीर का फार्म भरा तब सहायक सचिव एवं सचिव ने कहा की कुटीर के 2 लाख 39 हजार रूपए आएगे मगर जब हमारा नाम कुटीर में आ गया तो सचिव ने कहा की तुम्हारे 2 लाख रूपए आएगें.
आज जनसुनवाई में कलेक्टर से कुटीर की किस्ते डलवाने एवं सीईओ, सचिव एवं सहायक सचिव पर कार्यवाही करने की मांग की हैं.
8 माह से कुटीर की नहीं मिली राशि, जामखो के सहायक सचिव धर्मेन्द्र धाकड़ एवं सचिव धर्मेन्द्र चतुर्वेदी पर आरोप / Shivpuri News




