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फर्स्ट लेडी का दर्जा पाकिस्तानी प्रेसिडेंट जरदारी बेटी को देंगे: प्रथम महिला अब तक राष्ट्रपति की पत्नी कहलाती थीं, परंपरा बदली पहली बार /#INTERNATIONAL

इस्लामाबाद

आसिफा पहली बेटी होंगी जो फर्स्ट लेडी कहलाएंगी। आमतौर पर राष्ट्रपति की पत्नी फर्स्ट लेडी कहलाती है। तस्वीर में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (बाएं) और आसिफा भुट्टो।

आसिफा भुट्टो जरदारी पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी होंगी। पाकिस्तानी मीडिया ARY न्यूज ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा- राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपनी बेटी आसिफा को फर्स्ट लेडी का दर्जा देने का फैसला किया है। वो जल्द इसकी घोषणा करेंगे।

पाकिस्तान इतिहास में यह पहली बार है जब देश के राष्ट्रपति ने फर्स्ट लेडी के लिए बेटी के नाम की घोषणा करने का फैसला किया है। आमतौर पर राष्ट्रपति की पत्नी फर्स्ट लेडी कहलाती है। आधिकारिक घोषणा होने के बाद आसिफा भुट्टो को फर्स्ट लेडी के अनुरूप प्रोटोकॉल और विशेषाधिकार दिए जाएंगे।

पिता और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ उनके तीनों बच्चे। बाएं से बख्तावर भुट्टो, बिलावल भुट्टो और आसिफा। पीछे मरहूम बेनजीर भुट्टो की तस्वीर नजर आ रही है। (फाइल)

पिता और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ उनके तीनों बच्चे। बाएं से बख्तावर भुट्टो, बिलावल भुट्टो और आसिफा। पीछे मरहूम बेनजीर भुट्टो की तस्वीर नजर आ रही है। (फाइल)

परिवार में सबसे छोटी हैं आसिफा
18 दिसंबर 1987 में बेनजीर भुट्टो और आसिफ अली जरदारी का निकाह हुआ था। दोनों के तीन बच्चे हैं। आसिफा सबसे छोटी हैं। उनकी पूरी एजुकेशन ब्रिटेन में हुई। आसिफा की बड़ी बहन बख्तावर भुट्टो की लंदन के बिजनेसमैन से शादी हुई है। भाई बिलावल पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन हैं। मां बेनजीर की 27 दिसंबर 2007 को एक रैली के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

भाई बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ आसिफा (बाएं) और बख्तावर भुट्टो।

भाई बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ आसिफा (बाएं) और बख्तावर भुट्टो।

आसिफा में दिखती है बेनजीर भुट्टो की झलक
आसिफा में कई लोग उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की झलक देखते हैं। उनकी स्पीच को भी काफी पसंद किया जाता है। यही वजह है कि आसिफ अली जरदारी आसिफा को सियासत में उतरना चाहते हैं। खबरें थीं कि आसिफा नेशनल असेंबली के लिए होने वाले उप-चुनाव में भाई बिलावल की शहदकोट सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

बिलावल ने शहदकोट के अलावा लरकाना से भी चुनाव लड़ा था। वो दोनों सीट जीते। उन्हें एक सीट खाली करनी है। माना जा रहा है कि वो लरकाना सीट अपने पास रखेंगे और शहदकोट से बहन आसिफा की इलेक्टोरल पॉलिटिक्स में एंट्री कराएंगे।

आसिफा ने यह तस्वीर कुछ दिन पहले पोस्ट की थी। इसमें वो मां बेनजीर भुट्टो की तस्वीर के सामने सेल्फी लेती दिखाई दे रही हैं।

आसिफा ने यह तस्वीर कुछ दिन पहले पोस्ट की थी। इसमें वो मां बेनजीर भुट्टो की तस्वीर के सामने सेल्फी लेती दिखाई दे रही हैं।

3 साल पहले इमरान को दिया था चैलेंज
तीन साल पहले यानी 2021 में भी आसिफा ने भाई बिलावल के साथ कई रैलियां की थीं। तब इमरान खान प्रधानमंत्री थे। एक रैली में आसिफा ने कहा था- अब वक्त आ गया है, जब मुल्क की सत्ता पर काबिज सिलेक्टेड सरकार को घर भेजा जाए। हम सब इमरान को इलेक्टेड नहीं, बल्कि सिलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर मानते हैं।

आसिफा ने आगे कहा था- इस्लामाबाद में बैठी सरकार इस गलतफहमी में है कि वो अपोजिशन को दबा लेगी। हम हर जुल्म के खिलाफ आवाज उठाएंगे। इमरान को एक ही मैसेज है- आपका वक्त खत्म हो गया है। अब बोरिया बिस्तर बांधकर रवाना हो जाइए। मेरी मां ने मुल्क के लिए कुर्बानी दी। पिता आज भी संघर्ष कर रहे हैं। इमरान को लगता है कि हम लोग जुल्म से डर जाएंगे। अगर वो हमारे भाईयों को गिरफ्तार करेंगे तो हम बहनें उनका सख्ती से मुकाबला करेंगी।

पाकिस्तान में पीपुल्स पार्टी के समर्थक मानते हैं कि आसिफा में उनकी मां बेनजीर भुट्टो की झलक नजर आती है। वो भाषण भी उसी अंदाज में देती हैं।

पाकिस्तान में पीपुल्स पार्टी के समर्थक मानते हैं कि आसिफा में उनकी मां बेनजीर भुट्टो की झलक नजर आती है। वो भाषण भी उसी अंदाज में देती हैं।

तीन साल पहले भी आसिफा पॉलिटिकली एक्टिव हुईं थीं। 2021 में जब इमरान प्रधानमंत्री थे और जरदारी समेत PPP के कई नेताओं को जेल भेजा गया था तब आसिफा ने कई रैलियां की थीं।लेकिन इसके बाद वो लंदन लौट गईं थीं। हालांकि, पाकिस्तान के हालिया आम चुनाव में आसिफा ने कई रोड शो किए।

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