भिलाई

ईडी की कार्रवाई पर सांसद विजय बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री पर साधा निशाना।
छत्तीसगढ़ में कोल और शराब स्कैम मामले में ED ने 106 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसे लेकर दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा है कि यह कार्रवाई पूर्व CM भूपेश बघेल के पत्र के बाद हुई है। उन्होंने कहा कि, पूर्व मुख्यमंत्री ने ही ED को एक पत्र लिखा था।
सांसद विजय बघेल ने शनिवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि, उन्हें यह बात पता चली है। EOW के पास पहले से इसकी शिकायत थी। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई ED का अपना मामला है। कानून अपना काम करता है। हमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।

ईडी ने ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई है शिकायत।
पूर्व मंत्री लखमा-भगत सहित 100 पर FIR
शराब और कोयला घोटाले मामले में ED ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 100 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है। इनमें कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कमरो, शिशुपाल का नाम शामिल है।
इनके अलावा 2 निलंबित IAS, रिटायर्ड IAS अफसर सहित कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल सहित अन्य के नेताओं के नाम भी हैं। कोयला घोटाले में 30 से अधिक नाम और शराब घोटाले में 70 नाम शामिल हैं। ये एफआईआर ACB में 17 जनवरी को कराई गई है।
शराब घोटाले में था मंत्री और अफसरों का हिस्सा
शराब घोटाला मामले में IAS टुटेजा समेत 70 लोगों के खिलाफ धारा 120-B-IPC,420, 467 IPC 468,471,12PRE में FIR की गई है। ED ने शिकायत में कहा है कि, आरोपियों ने शराब के अवैध व्यापार से करोड़ों कमाए और मंत्रियों, अफसरों का इसमें हिस्सा था।
कोल केस में अब तक क्या हुआ
ED ने अब तक कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिवालय में काम करने वाली अधिकारी सौम्या चौरसिया, IAS समीर बिश्नोई समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। 222 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है और इस पूरे मामले की जांच जारी है।

पूर्व मुख्यमंत्री व पाटन विधायक भूपेश बघेल।
पूर्व मुख्यमंत्री बोले- लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख FIR
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग पिछले 3 सालों से इस मामले की जांच कर रहे थे। अब यह पता चला है कि सरकार ने राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
ईडी और आईटी द्वारा जब जांच की जा रही थी, तो उस दौरान हमारे किसी भी नेता का नाम नहीं लिया गया था। हालांकि, एसीबी ने अब हमारे कई नेताओं को नामित करते हुए अपराध दर्ज किया है। ऐसा लगता है कि आने वाले समय में लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मामला दर्ज किया गया है।



