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माधव नेशनल पार्क के बलारपुर के जंगल में पहुंचा चीता ओबान / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले में ओवान चीते को आज पांचवा दिन है। ओवान 16 अप्रैल को शिवपुरी में अपना डेरा जमाए हुए हैं। ओवान को गुरुवार को माधव नेशनल पार्क की सीमा में घुसे हुए तीसरा दिन है, आज गुरुवार की सुबह ओवान की लोकेशन बलारपुर के पास मिली। गुरुवार दोपहर से ही माधव नेशनल पार्क के बलारी वीट में डेरा जमाए हुए हैं।


बता दें, ओवान बुधवार की सुबह से शाम तक डोगर गांव के जाट फार्म पर अपना डेरा जमाए हुए था। रात करीब साढ़े नो बजे ओवान माधव नेशनल पार्क की ओर कूच कर दिया। ओवान डोंगर गांव से निकलकर मामोनी पहुँचा जहां से वह बरई नदी को पार करते हुए रात ही रात में बलारी मंदिर के पास पहुच गया। इस दौरान रात में ओवान परासारी गांव पहुचा जहां से वह बलारपुर माता मंदिर के रास्ते से होता हुआ करई गेट की ओर आगे बढ़ा, लेकिन ओवान करई गेट से पहले कुछ किलोमीटर दूर ही रुक गया। जानकारी के मुताबिक ओवान माधव नेशनल पार्क के करई से लगभग साढ़े चार किलोमीटर दूर ठहरा हुआ है इसके साथ ही ओवान की लोकेशन बलारी माता मंदिर के मार्ग से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूरी पर है। बता दें कि पांच दिनों से लगातार ओवान दिन में एक ही स्थान पर आराम करता है और रात होते ही अपनी लोकेशन बदल देता है। इन पांच दिनों में ओवान तीन हिरणों का शिकार कर चुका है।

ओवान से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है बाघ-बाघिन

माधव नेशनल पार्क में बिल्ली प्रजाति की 3 नस्ल मौजूद है। माधव नेशनल पार्क में पहले से ही काफी संख्या में तेंदुए मौजूद है। इसके बाद तीन बाघों को माधव नेशनल पार्क में छोड़ा गया है और अब फिलहाल चीता ओवान ने भी माधव नेशनल पार्क को अपने लिए मुफीद मान लिया है। बता दें कि ओवान चीता और नेशनल पार्क में घूम रहे बाघ-बाघिन के बीच कुछ ही किलोमीटर का अंतराल है। इसके चलते कूनो नेशनल पार्क और माधव नेशनल की टीमें चीते और बाघों पर अपनी नजर गढ़ाए हुए हैं। देश में मध्यप्रदेश का माधव नेशनल पार्क इकलौता ऐसा माधव नेशनल पार्क बना हुआ है, जहां बिल्ली प्रजाति की 3 नस्लें एक साथ मौजूद हैं।

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