शिवपुरी। शिवपुरी जिले की बदरवास जनपद की ग्राम पंचायत पगारा में रिटर्निंग आफीसर ने पंच पर हारे हुए प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दे दिया है जबकि जो प्रत्याशी चुनाव में जीता था, उसे हरा दिया। वास्तविकता में चुनाव जीतने वाली महिला प्रत्याशी अब अधिकारियों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो गई है। महिला असुनवाई की स्थिती में कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पगारा में वार्ड क्रमांक 15 से भारती पत्नी पप्पू लोधी पंच का चुनाव लड़ी थी। 25 जून को मतदान हुआ तो भारती को 76 मत मिले तथा उसकी निकटतम प्रतिद्वंदी देवकी को 48 मत मिले। पीठासीन अधिकारी ने मतगणना के बाद उसे गणना पत्रक देते हुए उसमें भी 76 मत प्राप्त होने का प्रमाण पत्र दिया। जब 14 जुलाई को तहसीलदार व रिटर्निंग आफिसर अरूण गुर्जर ने जीत का प्रमाण पत्र जारी किया तो वह भारती की जगह देवकी को जारी किया गया। जब भारती ने इसका विरोध दर्ज कराया गया तो उसे चुप कर दिया गया। भारती का कहना है कि पहले उसे कहा गया था कि प्रमाण पत्र जारी करने में गलती हो गई होगी, लेकिन बाद में उसे प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया गया। भारती का कहना है कि उसे षड़यंत्र पूर्वक हराया है। अगर उसके साथ इस तरह का अन्याय किया गया तो वह पूरी चुनाव प्रक्रिया और रिटर्निंग आफिसर इस हरकत को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी, उसने कोर्ट जाने की पूरी तैयारी कर ली है।
इस पूरे मामले में देखा जाए तो पीठासीन अधिकारी की गलती के कारण इतनी बड़ी परेशानी खड़ी हुई है। पीठासीन अधिकारी ने जो मतगणना पत्रक जारी किया है उसमें भारती को 76 वोट मिलना बताया है जबकि देवकी को 48 मत मिलना बताया है। वहीं दूसरी ओर पीठासीन अधिकारी ने फार्म-16 में तहसीलदार के यहां जो जानकारी जमा कराई है, उसमें देवकी को 76 मत मिलना बताया है। ऐसे में प्रथम द्ष्टया इस पूरे मामले में पीठासीन अधिकारी की गलती जी का जंजाल बन गई है।
तहसीलदार बदरवास अरूण सिंह गुर्जर का कहना है कि हमारे यहां पर पीठासीन अधिकारी ने फार्म 16 में जो जानकारी भरकर दी है, उसके आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया गया है। मामला मेरे पास आया था तो मैंने प्रत्याशी को कहा भी था कि वह धारा 122 के तहत एसडीएम कोर्ट में अपील दायर कर सकती है।






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