शिवपुरी। सतनवाड़ा पर बने फिल्टर प्लांट का ट्रांसफार्मर खराब होने से पिछले चार दिन से शहर में पानी की सप्लाई नहीं हुई है। ऐसे में शहर में जल संकट गहरा गया है। लोग बारिश के मौसम में भी पानी कट्टियां लेकर पेयजल के लिए यहां से वहां भटकते दिखाई दे रहे हैं। शहर के कई हिस्सों में पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है, लेकिन नगर पालिका शहरवासियों को पानी पिलाने में फेल हो गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि नपा ने कुछ माह पहले ही शहर के वार्डों में लगे बोरों के विद्युत कनेक्शन कटवा दिए थे। ऐसे में शहर के सैंकड़ों बोर बंद पड़े हुए हैं। सिंध से पानी की सप्लाई हो नहीं रही है। अब नपा के अधिकारी यह राग अलापने में लगे हुए हैं कि खराब ट्रांसफार्मर को सही करवाने के लिए कंपनी भेजना पड़ेगा। वहां से सही होकर आने में कम से कम दस दिन लगेंगे। ऐसे में जल प्रभारी एई सचिन चौहान का कहना है कि उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एनटीपीसी से उनके पास रखा ट्रांसफार्मर मांगा लेकिन उन्होंने ट्रांसफार्मर देने से इंकार कर दिया, इसलिए हमने दिल्ली से ट्रांसफार्मर किराए से मंगवाया है। उक्त ट्रांसफार्मर को आने में भी करीब तीन दिन लगने की बात कही जा रही है। ऐसे में यह तो तय हो गया है कि कम से कम चार दिन तक और शहर में पानी की सप्लाई नहीं होगी। अब विचारणीय पहलू यह है कि जिन वार्डों में ट्यूबबेल के विद्युत कनेक्शन कटवा दिए गए हैं, उन वार्डों के लोग कहां से पानी की व्यवस्था करेंगे?
फिर टैंकरों पर लौटेगा शहर
जब नपा के अधिकारियों से शहर में पेय जल के इंतजाम को लेकर वैकल्पिक रास्ते की बात की गई तो उनका कहना था कि जब तक मड़ीखेड़ा से शहर में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो जाती है। उस समय तक नगर पालिका पानी के टैंकरों से वार्ड में पानी की सप्लाई कर शहरवासियों के कंठ तर करने का प्रयास करेगी। इसके अलावा कई वार्डों में पानी के बोर चालू हैं, जिनसे लोगों को पीने का पानी मुहैया होता रहेगा।
इनका कहना है
ट्रांसफार्मर सही करने के लिए इंजीनियर आए थे, लेकिन वह सही नहीं हो सका। इसे ग्वालियर कंपनी के पास भेजना पड़ेगा। दिल्ली से किराए का ट्रांसफार्मर मंगवाया है जो शनिवार तक आ जाएगा। इसे फिर से सप्लाई शुरू हो जाएगी।






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