शिवपुरी। साहब…! 2006 में जनगणना हुई थी लेकिन उस जनगणना में हमारा नाम नहीं आया। जनगणना में नाम नहीं आने से हमें मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। अगर मुआवजा नहीं मिला तो हम आंदोलन करेंगे और गांव खाली नहीं करेंगे। इसका संपूर्ण जिम्मेदार प्रशासन होगा।
एडीएम नीतू माथम को दिए ज्ञापन में ग्राम लखनगंवा, मामोनी, डोंगर, हरनगर, कमलपुर, अर्जुनगंवा के ग्रामीणों ने बताया कि 2006 में परिवार के मुखिया के नाम से जनगणना करवाई थी। उनके बच्चे उस समय 18 से 60 वर्ष तक के थे। उनका नाम जनगणना में नहीं आया। अब नई गाइड लाइन से सभी ग्रामीणों को 15 लाख रूपए प्रति परिवार के हिसाब से मुआवजा चाहिए तभी गांव खाली करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापन पूरा नहीं हुआ है। हमारे पास पशुओं को चरने से रोका जा रहा है, गांव को जाली के अंदर किया जा रहा है। हम लोग पशु पालन से अपना जीवन यापन करते हैं इसलिए हमारा कहना है कि पहले हमारा विस्थापन विधिवत किया जाए नहीं तो हम ग्रामीणवासी जाली को नहीं लगने देंगे। अगर कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार जिला प्रशासन और फोरेस्ट विभाग होगा। क्योंकि हम लोगों ने 2006 में भी विस्थापन मांगा था उस समय इन्होंने सिर्फ एक पंचनामा बनाया था। इसलिए मामले को गंभीरता से लेकर निराकरण करवाएं।






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