शिवपुरी। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के द्धारा संयुक्त रूप से किसानों को सम्मान निधि के रूप में 10 हजार रूपए दिए जाते हैं। लेकिन इसमें भी गडबडझाला कर दिया गया है। शिवपुरी जिले की कई तहसीलों में ऐसे नाम सामने निकलकर आए हैं जिसमें आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, व कई लोगों ने पति-पत्नी के नाम पर किसान सम्मान निधि पाने के लिए गलत जानकारी दी और इस राशि को अपने खाते में डलवा लिया।
जिले के बदरवास एवं रन्नौद तहसील के अंतर्गत आने वाले शासकीय कार्यालयों में पदस्थ आयकर दाता, शासकीय कर्मचारीएवं किसानों के द्धारा पति-पत्नी दोनोंके नाम पर जमीन होने के कारण इन्होंने दस्तावेज लगाकर इस योजना का लाभ लेना प्रारंभ कर दिया। जब किसान सम्मान निधि की पड़ताल हुई तो बदरवास व रन्नौद ब्लॉक के ऐसे कई कर्मचारी सामने आए जिन्होंने गलत तरीके से किसान सम्मान निधि का लाभ लिया।
ऐसे पकड में आई गडबड
बदरवास एवं रन्नौद तहसील के तहत आने वाले 200 से ज्यादा शासकीय कर्मचारियों के द्वारा आयकर दाता होने के बावजूद भी नियम विरूद्ध किसान सम्मान निधि का लाभ लिया जा रहा था। इस मामले का खुलासा जब हुआ तब आयकर विभाग के रिकार्ड एवं समग्र आईडी, आधारकार्ड का मिलान हुआ। अब इन सभी शासकीय कर्मचारियों को बदरवास तहसील के द्धारा नोटिस थमा कर शीघ्र सम्मान निधि वापसकरने का फरमान जारी किया है।
बिना जांच पड़ताल के दे दी स्वीकृति
सम्मान निधि में गड़बड़ी होने का सबस बड़ा कारण यह रहा कि बिना जांच-पड़ताल के पटवारियों ने स्वीकृति दे दी। किसान सम्मान निधि के लिए जो भी आवेदन आए थे पटवारियों ने उसकी कोई जांच नहीं की जिसके चलते यह हालात बन गए और अपात्र लोगों तक शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना की राशि पहुंच गई।
इनका कहना है
किसान सम्मान िनधि की जब पडताल की गई तो शासकीय कर्मचारी जो आयकर दाता है, ऐसे किसान िजनकी समग्र आईडी में तीन नाम है, उनके द्धारा खुद, पत्नी एवं बच्चों के नाम किसान निधि का लाभ लेनापाया गया है। ऐसे किसानों को चिन्हितकिया गया है उनसे राशि वापसी के लिए नोटिस दिए गए है। अगर राशि वापस नहीं आती है तो जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप भार्गव, तहसीलदार बदवास






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