Press "Enter" to skip to content

गिरफ्तारी के एक मिनिट बाद पहुंची पुलिस ! मुल्जिम बरी / Shivpuri News

 

एडवोकेट अजय गौतम और गोपाल व्यास ने की पैरवी

शिवपुरी। “हुजूर आते आते बहुत देर कर दी ” ?

नहीं, पुलिस ने केवल एक मिनट की देर कर दी।

दरअसल एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए विचारण न्यायालय ने बिना लाईसेंस के निर्धारित माप का धारदार हथियार लेकर सार्वजनिक स्थान पर खड़े एक आरोपी को धारा 25 (1-B)(B) आर्म्स एक्ट  के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।

माननीय न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि एफ आई आर में अंकित अपराध कारित करने का समय और मौके पर पुलिस के पहुंचने का समय विरोधाभासी है वहीं मौके पर पुलिस अनुसंधान अधिकारी के पहुंचने के पूर्व जब्ती पत्रक निर्मित हो जाता है। उक्त तथ्य भी अभियोजन मामले में सर्वाधिक संदेह उत्पन्न कर रहा है। आरोपी की ओर से एडवोकेट अजय गौतम और गोपाल व्यास ने पैरवी की।

आरोपी की ओर से बहस करते हुये एडवोकेट अजय गौतम ने कहा कि एफआईआर के मुताबिक अपराध कारित करने का समय 12:30 बजे से 12:45 बजे तक है, मामले में जब्ती पत्रक के अनुसार जब्ती का समय 12:40 बजे है, गिरफ्तारी पत्रक के अनुसार गिरफ्तारी का समय 12:45 बजे है वहीं माननीय न्यायालय के समक्ष पुलिस अन्वेषण अधिकारी के प्रतिपरीक्षण (क्राॅस एक्जामिनेशन) में किये गये कथन के अनुसार वह मय पुलिस फोर्स घटनास्थल पर 12:46 बजे पहुंचे। ऐसे में मौका-ए-वारदात पर पुलिस के पहुंचने से पहले जब्ती और गिरफ्तारी कैसे संभव है ?

मामले में समग्र साक्ष्य का विश्लेषण करते हुये माननीय न्यायालय श्रीमति अंशुल मंगल निगम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने आरोपी गणेशीलाल को दोषमुक्त (बरी) कर दिया।

 

ये है मामले की कहानी

अभियोजन की कहानी के अनुसार 7 अप्रैल 2019 को लालगढ़ प्रतीक्षालय पर गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति लोहे का धारदार हथियार हाथ में लिए वारदात की नियत से तानपुर मौजा की पुलिया तानपुर-पिपरसमा रोड़ पर खड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा जिसके हाथ में छुरा था, पुलिस ने छुरा कब्जे में लेकर उसका नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम गणेशी लाल धाकड़ निवासी तानपुर का हार ग्राम तानपुर थाना सिरसौद जिला शिवपुरी का होना बताया। मौके पर ही पुलिस ने जब्ती पंचनामा और गिरफ्तारी पंचनामा बनाया। अन्वेषण के उपरांत आरोपी के विरुद्ध धारा 25 (1-B)(B) बीवी आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!