शिवपुरी। न्यायाधीश उमेश कुमार श्रीवास्तव की न्यायालय में सुनाए गए एक फैसले में मारपीट व एससीएसटी एक्ट के आरोपित को दोष मुक्त कर दिया है।
अभियाेजन के अनुसार फरियादी सेवक उर्फ रामसेवक कोरी के द्वारा थाना बैराड़ में 13 मार्च 2016 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि जल संसाधन का चुनाव था जिसमें रामसेवक ने चुनाव लड़ा था और उसके विरूद्ध में बुधियाबाई चुनाव लड़ी थी। रामसेवक का एजेंट रामनिवास ओझा और बुधियाबाई का रामस्वरूप नाई था। चुनाव समाप्त होने के बाद वोटों की गिनती हुई तो रामसेवक 06 वोटों से चुनाव हार गया। इसके बाद वह अपने घर चला गया। घर पर आकर उसके एजेंट ने रामसेवक तथा उसके भाई नरेश कोली, सरबन कोली को बताया कि फेरन की पत्नी वोट डालने आई थी तो रामस्वरूप नाई ने उसको कहा था कि बुधिया को वोट देना। उक्त बात सुनकर रामसेवक अपने भाई के साथ रामस्वरूप नाई के घर जा रहा था तो मांगीलाल ढीमर के घर के सामने प्रदीप मिला जिससे रामसेवक ने कहा कि तुम्हारे पिता ने हमारे वोट को बुधिया को दिलवा दिया। जिस पर प्रदीप अपने हाथ में कुल्हाड़ी लिए था वह गाली-गलौंज करने लगा। जिस पर गाली देने से मना किया तो आरोपित ने भाई नरेश के सिर में कुल्हाड़ी मार दी जिससे वह घायल हो गया। मामले को लेकर थाने में शिकायत दर्ज की गई। यहां पुलिस ने विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया। जिस पर सुनवाई के बाद आराेपित प्रदीप पुत्र रामस्वरूप नाई को दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में अभियुक्त की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता मुनेश मिश्रा एवं अधिवक्ता जितेंद्र सिकरवार ने की।






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