
शिवपुरी। नगर पालिका सहित नगर परिषद की सीमा में खुले विवाह
घरों पर अब नकेल कसी जाएगी। मप्र नगर पालिका (विवाह स्थल का पंजीयन एवं
उपभोग) आदर्श उपविधि 2020 का मप्र राजपत्र में बीते सप्ताह प्रकाशन हो गया
है। बिना सुविधाएं संचालित मेरिज गार्डन के लिए प्रदेश सरकार ने मॉडल
बायलॉज बनाकर कानूनी अमलीजामा पहना दिया है।
अब 31
मार्च 2021 तक हर हाल में विवाह घरों का पंजीयन कराना होगा। तय समय के बाद
बिना पंजीयन संचालित विवाह घरों को नगर पालिका अब अवैध घोषित करके हटाने
की कार्रवाई करेगी। शहर में करीब 100 विवाह घर संचालित हैं, जिनमें मात्र
22 ही नपा में दर्ज हैं। जबकि अन्य अवैध हैं।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मॉडल बायलॉज जारी कर दिए हैं।
नगर
पालिका शिवपुरी की सीमा में मौजूद सभी विवाह स्थलों का संबंधित लोगों को
पंजीयन कराना होगा। पंजीयन व वार्षिक उपभोक्ता शुल्क विवाह घरों के
क्षेत्रफल के आधार पर तय किया है। पंजीयन शुल्क तीन साल में एक बार जमा
होगा। जबकि वार्षिक उपभोक्ता शुल्क हर साल जमा करना होगा।
पंजीयन कराने सूचना संबंधितों को भिजवाएंगे
शहर
में संचालित सभी विवाह घरों का पंजीयन अनिवार्य है। संबंधितों को
निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने की सूचना भिजवाएंगे। इसके बाद बिना
पंजीयन के विवाह घर संचालित पाए जाने पर नियम अनुसार कार्रवाई करेंगे।
-गोविंद भार्गव, सीएमओ, नगर पालिका शिवपुरी




