शिवपुरी। शिवपुरी में जम्मू कश्मीर में बालिकाओं का जबरन धर्मांतरण को लेकर आज हिंदू जागरण मंच के पदधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञान में बताया गया कि जम्मू कश्मीर में जिस तरह से दो सिख बालिकाओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया, इससे पता चलता है कि जिहादी धर्मांतरण की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। इसमें भी सबसे आश्चर्य की बात यह है कि संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है जिसका जरा भी इन जिहादी परस्त धर्मांध लोगों को नहीं है। जिसससे पता चलता है कि यह लोग भारतीय संविधान से आबद्ध कानूनों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं रखते हैं और जेहादी मानसिकता से ग्रस्त रहते हुए आज भी घाटी को पूरी तरह से हिंदूएवं अन्य धर्मों के लोगों से खाली करा देना चाहते हैं।
हिंदू जागकरण मंच इनकी इस धर्मांध सोच का विरोध करता है और आपत्ति दर्ज कराता है। जाे यह कृत्य किया जा रहा है वह सीधे तौर पर भारत की धर्मनिरपेक्षता को चुनौती देता है। कश्मीर पंडितों ने घाटी छोड़ दी है। करोड़ों के मालिक कश्मीरी पंडित अपनी पुश्तैनी जमीन जायदाद छोड़कर रिफ्यूजी कैंपों में रहने को मजबूर हैं। इसी तरह आज भी अन्य धर्मों एवं शांति प्रिय लोगों का ध्यान एवं आतंकियों के द्वज्ञरा हिंसा के बल पर बाहर निकालने का सिलसिला जारी है। वर्तमान में कश्मीर में घटी घटनाओं में बालिकाओं को डरा धमका कर उनका धर्म परिवर्तन करवा कर निकाह कर देना इसी षडयंत्र का एक भाग है। भारत के संवैधानिक व्यवस्था एवं सर्वपंथ सद्भाव के विचार की हर हाल में रक्षा होना चाहिए। ऐसे में हिंदू जागरण मंच का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए धर्म स्वातंत्रय कानून को संपूर्ण भारत में लागू किया जाए, साथ ही आरोपितों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जिससे इस प्रकार की घना पर पुनरावृत्ति न हो।






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