छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के खिलाफ विधानसभा का घेराव करने जा रहे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया. इसके बाद पुलिस ने भी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया. इस घटना में दोनों ओर से 28 लोग घायल हो गए हैं.
रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक संजीव शुक्ला ने गुरुवार को बताया कि राजधानी रायपुर में आज अपनी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) ने विधानसभा घेराव की अनुमति मांगी थी. कार्यकर्ताओं को शहर के मंडी गेट से अवंति बाई लोधी चौक तक जाने और वहां गिरफ्तारी देने की अनुमति दी गई थी. लेकिन जब पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोधी चौक तक पहुंचे तब उन्होंने वहां लगे बैरिकेड को तोड़ दिया और पुलिस के ऊपर पत्थर, कुर्सी और लाठी से हमला कर दिया.

शुक्ला ने बताया कि इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. इस घटना में उप पुलिस अधीक्षक प्रमोद गुप्ता समेत 16 पुलिसकर्मी और राजनीतिक दल के 12 कार्यकर्ता घायल हो गए. पुलिस ने बाद में अजीत जोगी, विधायक अमित जोगी, विधायक आरके राय सहित 638 लोगों को गिरफ्तार कर रिहा कर दिया.
इधर, पार्टी ने पुलिस पर ज्यादती करने का आरोप लगाया है. पार्टी ने बयान जारी कर कहा है कि पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुरूप विधानसभा घेरने जा रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर प्रहार किया. आंदोलन शांतिपूर्ण होने के बाद भी पुलिस ऐसा व्यवहार कर रही थी जैसे उसके सामने किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं बल्कि कोई असामाजिक तत्व हों.
दल ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर नौ बार लाठीचार्ज किया जिससे नेताओं और कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई.
पार्टी के अध्यक्ष अजीत जोगी ने मुख्यमंत्री रमन सिंह पर असंवेदनशील और अनैतिक होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की है.



