शिवपुरी। सुभाषपुरा थाना अंतर्र्गत कलोथरा फाटक पर विगत शुक्रवार की रात गल्ला व्यापारी इन्द्रवीर पुत्र हरिवल्लभ धाकड़ से बार्ईक पर सवार तीन लुटेरों ने 7 लाख 15 हजार रूपए लूट लिए थे। पुलिस ने इस बारदात का पर्र्दाफाश कर मास्टर मार्ईड सुघर सिंह पुत्र वंशीलाल धाकड़ को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 लाख 90 हजार रूपए बरामद कर लिए हैं। जबकि बारदात में शामिल दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला पहलू यह है कि मास्टर माइंड सुघरसिंह कलोथरा में लूट का शिकार हुए इंद्रवीर का पड़ोसी है।

पुलिस कन्ट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्र्ता में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे ने बताया कि फरियादी इन्द्रबीर धाकड़ फरियादी इन्द्रवीर धाकड़ ग्राम की सरसों एकत्रित कर ग्वालियर में तेल मिल पर विक्रय करने का कार्र्य करता है। वह दिनांक 10 मार्र्च को विक्रय की गर्ई सरसौं के 7 लाख रूपए ग्वालियर से एकत्रित कर भदौरिया बस से रात्रि 9:30 बजे अपने ग्राम कलोथरा जाने हेतु कलोथरा फाटक पर उतरा जहां उसके परिजन उसे लेने हेतु पहले से ही मौजूद थे। तभी बार्ईक पर सवार दो लोग हेल्मेट पहनकर तथा अपना मुंह ढक कर वहां आए तथा उन्होंने फायर कर फरियादी के हाथ से रूपयों से भरा बैग लूट लिया तथा फरार हो गए। इस मामले में थाना सुभाषपुरा पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध भादवि की धारा 39 और 34 तथा 11/13 एमपीडीपी के एक्ट के तहत मामला कायम कर अपराधियों की पतारसी प्रारंभ की गई। एसपी के निर्देशन में थाना प्रभारी सुभाषपुरा विजयपाल जाट एवं थाना प्रभारी सतनवाड़ा जयसिंह यादव द्वारा संदेही सुघर सिंह को हिरासत में लेकर उससे सख्ती से पूछताछ की गर्ई। पूछताछ के दौरान संदेही सुघर सिंह द्वारा स्वीकार किया गया कि ग्वालियर निवासी वलबिंदर एवं अंग्रेज सरदार जो मेरे मित्र है ने लूट की बारदात को अंजाम दिया है। इस बारदात में मेरा हिस्सा 2 लाख 10 हजार रूपए मुझे प्राप्त हो चुके हैं। जिनमें से 20 हजार रूपए खर्च हो गए हैं। पुलिस ने शेष 1 लाख 90 हजार रूपए की रकम बरामद कर ली है। एसपी ने बताया कि शेष रकम की बरामदगी और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पर्दाफाश करने में दोनों थाना प्रभारी के अलावा प्रआर बृजपाल सिंह तोमर, एएसआई आशीष खन्ना, आरके सगर, चन्द्रभान सिंह भदौरिया, हेड कॉस्टेबल राकेश बहादुर सिंह, मिट्ठुलाल, नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, आरक्षक नीतू सिंह, दीपक उपाध्याय, रमाशंकर मांझी, राजेश मिश्रा, विमल बोहरे और धर्मेन्द्र यादव की महत्वपूर्र्ण भूमिका रही।
10 लाख का कर्ज चुकाने पड़ोसी के साथ कराई लूट
बताया जा रहा है कि सुघरसिंह पर करीब 10 लाख रुपए का कर्जा है और जांच के दौरान यही बिंदु संदेह की वजह बना। जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो सुघरसिंह टूट गया और उसने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए उसने यह योजना बनाई और मुखबिरी कर ग्वालियर के आदतन अपराधी बलविंदर सरदार को सुपारी दी। जैसे ही इंद्रवीर घटना वाले दिन माल लेकर ग्वालियर गया तो सुघरसिंह ने दोनों बदमाशों को पूरी जानकारी बताकर घटना कारित करवा दी। इस पूरे काम के लिए सुघरसिंह को अपने हिस्से के 1 लाख 90 हजार रुपए मिले, जो पुलिस ने बरामद किए हैं।






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