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हादसों को न्यौता देता किलावनी मार्ग,,,?

हादसों को न्यौता देता किलावनी मार्ग,,,?

कोलारस। प्रधानमंत्री सडक राई और कार्या के मध्य निर्मित किलावनी गांव के
लिए बनी सडक के निर्माण में गलती के कारण यह मार्ग राहगीरों के लिए उनकी
जान का दुश्मन बन चुका है। इस मार्ग में मात्र 5 किलोमीटर किलावनी से
प्रधानमंत्री सडक की लम्बाई है, किंतु किलावनी से प्रधानमंत्री सडक के
बीच रास्ते में पडने वाली पुलिया पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त हो जाने एवं
अन्य दो जगह से सडक उखड जाने के कारण सार्वधिक दुर्घटनाऐं यहीं घटित हो
रही हैं। कारण 5 किलोमीटर के मार्ग पर दो स्थानों पर सडक उखड चुकि है एवं
एक पुलिया हैं जो पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त अवस्था में प्राणघातक बनी
हुई हैं। जो कि इस द्वुतगामी मार्ग पर चालकों को संभलने तक का मौका नहीं
देतीं।

क्षतिग्रस्त पुलिया में गिरकर विकलांगता का दंश झेल रहे हैं दर्जनों ग्रामीण
राई-कार्या प्रधानमंत्री सडक के बीच निर्मित ग्राम किलावनी सडक के
निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का प्रयोग होने के कारण उक्त मार्ग अपना
5े वर्ष पूर्ण करने से पहले ही जर्जर हो चुका है। इस वर्ष किलावनी मार्ग
पर 3 दर्जन से अधिक दुर्घटनाऐं घटित हो चुकि हैं। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज
आंकडा अनूसार इस मार्ग मं 3 दर्जन से अधिक राहगीर घायल हो गए हैं एवं
घायलों में से कुछ तो सम्पूर्ण जीवन के लिए विकलांगता का दंश झेल रहे
हैं।

रास्ते में पडने वाले मोडों पर नहीं लगाए गए संकेतक
जनवरी-फरवरी में इस मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया पर हुए दो हादसों में 4
लोग विकलांगता का दंश झेल रहे हैं। इस मार्ग में मोड अधिक हैं परंतु
संकेतकों का अभाव भी है। मार्ग में मोड के साथ-साथ दो स्थानों पर उखडी
सडकें एवं क्षतिग्रस्त पुलिया भी हैं तथापि दुर्घटना भी अधिक वहीं हो रही
हैं।

क्षतिग्रस्त पुलिया में गिर कर घायल हो रहे वाहन चालक
प्रधानमंत्री सडक राई से किलावनी मार्ग पर पुलिया निर्मित है जो इस मार्ग
को जोडती है। 5 वर्ष पूर्व इस पुलिया का निर्माण हुआ था। राई से किलावनी
की ओर जाने पर उक्त पुलिया दोनों ओर से टूटी पडी हुई है। इस पुलिया की
उंचाई लगभग पांच-सात फिट है, और यह क्षतिग्रस्त पुलिया किसी आकस्मिक
दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है। इस मार्ग के बीचों बीच दो स्थानों पर सडक
उखड चुकि हैं एवं यह टूटी हुई पुलिया उक्त मार्ग के मोड पर है जहां वाहन
चालक की जरा सी असावधानी दुर्घटना में बदल सकती है।

रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देती टूटी पुलिया
विशेष रूप से प्रधानमंत्री सडक राई व कार्या के बीच के त्रिकोण पर उखडी
पडी सडक व किलवानी मार्ग की टूटी पुलिया रात्रि में वाहन चालकों को
स्पष्ट रूप से दिखाई नहंीं देने के कारण घटना का आगमन होता है। ऐसे में
त्रिकोण की ओर से आने वाले वाहन मोड के कारण दिन में भी दिखाई नहीं पडता,
इससे दुर्घटना घटित हो जाती हैं। 5 किलोमीटर के मार्ग में स्थित पुलिया
पूरी तरीके से क्षतिग्रस्त होने के कारण इस मार्ग पर वर्ष 2016 में
दर्जनभर हादसे हो चुके हैं हादसों का शिकार हुए कुछ राहगीर तो आज भी
विकलांग अवस्था में पडे होकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। अभी हालहि में
गणेश चतुर्थी के दिन ग्राम लेवा में आयोजित हुए हीरामन बाबा के मेले में
आटो में सवार होकर जा रहे आधा दर्जन ग्रामीण भी इसी त्रिकोण मार्ग पर सडक
उखडी होने के कारण दुर्घटना का शिकार हो गए थे। वावजूद इसके संबधित
निर्माण एजेंसी के द्वारा सुरक्षा का कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीण बोले, कई बार कर चुके हैं शिकायत
किलावनी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री सडक से किलावनी के
बीच पढने वाली पुलिया पूरी तरह से टूट चुकि है। एवं अन्य दो स्थानों पर
सडक कट चुकि है जिस कारण ग्रामीण हादसों का शिकार हो रहे हैं। हम दर्जनों
ग्रामीणों को साथ लेकर प्रशासन के वरिष्ट अधिकारियों को भी शिकायत दर्ज
करा चुके हैं। लेकिन आज दिनांक तक सडक का पेंचवर्क एवं टूटी पुलिया को
सुधरवाए जाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।

ग्रामीणों के अनुसार प्रधानमंत्री सडक से किलावनी जाने के दौरान रास्ते
में दो स्थानों पर सडक कट चुकि है एवं रास्ते में पढने वाली पुलिया पूरी
तरह से टूट जाने के कारण जान जोखिम में डालकर सफर तय करना पड रहा है।
संबधित निर्माण एजेंसी द्वारा मार्ग के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री
का प्रयोग किया गया है जिसका खामियाजा टूटी पुलिया के रूप में हमे भोगना
पड रहा है।

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