जनहित की बजाय निजी एजेंड़ों में तब्दील हुई नपा की साधारण सभा की बैठक

बैठक में जमकर दी गर्ई सीएमओ को गालियां, भाजपा पार्र्षद दो गुटों में बटे, कांग्रेसी पार्र्षदों का मनमुटाव भी उभरा

शिवपुरी।
आज नगर पालिका परिषद की बैठक में लोकतंत्र की सारी मर्र्यादाओं का चीर हरण
हुआ। सारी सीमायें लांघ दी गई। खूब बाहें चढ़ार्ई गर्ई। जनहित की बजाय
निजी एजेंडे को महत्व दिया गया। जिसके परिणाम स्वरूप भाजपा और कांग्रेसी
पार्र्षद अपने ही दल के पार्षदों का विरोध करते हुए नजर आये। मुख्य नगर
पालिका अधिकारी रणवीर कुमार को जमकर गालियां दी गर्ई। उन पर आंखें तरेरी
गर्ई। भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का आरोप लगाया गया। उन्हें भाजपा पार्षदों
के साथ-साथ कांग्रेस पार्र्षदों ने भी निशाने पर लिया। अधिकांश महिला
पार्षद माहौल देखकर चुप बैठी रहीं और परिषद की बैठक का नजारा किसी
बूचडख़ाने, वैश्यालय और भिंडी बाजार से भी बदतर स्थिति में नजर आया।

पहले
जब भी परिषद की बैठक होती थी तो कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों
को अपने-अपने दल से मार्र्गदर्शन मिलता था और उस अनुरूप बैठक चलाने के लिए
रणनीति तय की जाती थी। किसी भी मुद्दे पर स्वस्थ बहस होती थी और निर्र्णय
लिए जाते थे। लेकिन इस बार नगर पालिका परिषद की बैठक में दोनों ही दलों ने
कोई रणनीति तय नहीं की और पार्षदों को अपने हाल पर छोड़ दिया। जिसका परिणाम
यह हुआ कि निजी हितों को ध्यान में रखकर पार्र्षदों ने बात रखी। पार्षदों
का मुख्य नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ जमकर आक्रोश निकला और उन पर भड़ास
निकालने में न भाजपा पार्र्षदो ंऔर न ही कांग्रेस पार्षदों ने कोर्ई कसर
छोड़ी। पार्षदों के अलावा नगर पालिका उपाध्यक्ष अन्नी शर्र्मा ने भी उन्हें
निशाने पर लिया। सीएमओ पर सबसे तगड़ा हमला भाजपा पार्षद मनीष गर्ग मंजू,
अभिषेक शर्मा, सुरेन्द्र रजक, कांग्रेस पार्षद पवन महाराज, आकाश शर्मा आदि
ने बोला। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष और पार्षद भानू दुबे ने कहा कि जब सिंध का
जल जून माह में शिवपुरी आ जायेगा तो पेयजल पर नगर पालिका 20 से 40 करोड़
रूपए का भारी भरकम बजट क्यों खर्च कर रही है। पाईप लाईन इतनी अधिक मात्रा
में खरीदी गई है कि शिवपुरी से आगरा तक लाईन बिछा दी जाएगी। नपाध्यक्ष
मुन्नालाल कुशवाह ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था की गर्ई है और पाईप लाईन
जिन-जिन पार्षदों ने मांगी है उन्हें दे दी गई है। बस इसी बात पर भाजपा
पार्षद मनीष गर्ग और उनके सहयोगी ने सीएमओ रणवीर कुमार पर हमला बोल दिया कि
उनके द्वारा दो हजार मीटर पार्ईप लार्ईन एक साल से मांगी जा रही है और आज
तक नहीं दी गई। इसके बाद कांग्रेस पार्षद पवन शर्मा और एक महिला पार्षद भी
सीएमओ के खिलाफ मैदान में आ गर्ई। सीएमओ पर कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार का
आरोप लगाया गया। उन पर इतना तगड़ा हमला बोला गया कि एक समय तो वह बैठक में
से उठकर बाहर जाने लगे। बैलकम सेंटर को 35 माह के लिए किराये पर दिए जाने
के संबंध में भाजपा पार्षद दो फाड़ हो गए। बैलकम सेंटर टेंडर द्वारा 35 माह
के लिए 20 लाख रूपए डिपोजिट और 10 हजार रूपए प्रतिमाह किराये पर दिया गया
है। लेकिन किराये पर लेने वाले ने नगर पालिका को पत्र लिखा कि उसे 35 माह
बाद 10 प्रतिशत बढोत्तरी के साथ बैलकम सेंटर दिया जाए। इसका समर्थन भाजपा
पार्षद अभिषेक शर्मा, सुरेन्द्र रजक, मनीष गर्ग, कांग्रेस पार्षद आकाश
शर्मा ने किया। जबकि भाजपा पार्षद अनीता भार्गव, भानू दुबे, बलबीर यादव आदि
ने कहा कि 35 माह बाद पुन: नीलामी की जाए जिससे नगर पालिका की आय में
वृद्धि हो, लेकिन बहुमत से 35 माह बाद 10 प्रतिशत किराये में बढोत्तरी का
प्रस्ताव पारित कर दिया गया, जिस पर आपत्ति भानू, बलबीर और अनीता भार्गव ने
लगाई। जबकि अरूण पंडित ने पहले आपत्ति लगार्ई तथा बाद में कहा कि वह
आपत्ति के खिलाफ है। 

एक साल में भी नहीं आयेगा सिंध का पानी: नपा उपाध्यक्ष

नपा
उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने परिषद की बैठक में चिल्ला चिल्ला कर कहा कि यह
कहना गलत है कि जून माह में सिंध का पानी शिवपुरी आ जाएगा। उन्होंने कहा कि
सिंध जलावर्धन योजना के काम की जो गति चल रही है उसे देखते हुए एक साल में
भी सिंध नदी का पानी शिवपुरी नहीं आएगा। इसलिए यह कहना कि पेयजल की
करोड़ों की योजना नगर पालिका को नहीं बनानी चाहिए गलत है। उनकी बात का
अप्रत्यक्ष समर्थन नगर पालिका अध्यक्ष मुन्ना लाल कुशवाह और सीएमओ रणवीर
कुमार ने भी किया। सीएमओ ने कहा कि सिंध योजना 2007 में स्वीकृत हुई थी और
कहा गया था कि योजना डेढ वर्र्ष में पूर्र्ण हो जाएगी, लेकिन नहीं हुई
इसलिए सुनिश्चित रूप से जून माह में पानी आयेगा यह नहीं कहा जा सकता।


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