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रात्रि में पिछोर पुलिस की गुंडागर्दी सिर चढ़कर बोली

पिछोर पुलिस की गुंडागर्दी, डंपर मालिक से छीने 20 हजार और मोबाइल
चैकिंग के नाम पर की वसूली, पिछोर के नए चौराहे की घटना
थाना परिसर में रखा उक्त बुलेरो वाहन जिसमें बैठकर आए थे पुलिसकर्मी और पास में खड़े पीडि़त डंपर मालिक एवं चालक
गौरव पाठक.
पिछोर। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी सुनील कुमार पांडे अपनी साफ स्वच्छ एवं ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं और जिलेभर में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए उनके निर्देशन में अभियान भी चलाए जा रहे हैं, लेकिन उन्हीं के नुमाइंदे उनकी मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। इसी तरह का मामला उस समय सामने आया जब पिछोर थाने के कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा पुलिसिया रौब झाड़ते हुए चैकिंग के नाम पर डम्पर मालिक एवं चालक से उनके मोबाइल एवं 20 हजार रुपए छीन लिए, हालांकि जब पुलिस की यह करतूत मीडिया के संज्ञान में आई तो बाद में पुलिसकर्मियों द्वारा उक्त पैसों को वापस लौटा दिया गया और मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया गया।
जानकारी के अनुसार डंपर मालिक मोनू राजा एवं डम्फर चालक जगराम लोधी निवासी मोहन पुर चंदेरी ने बताया कि वह अपने डम्फर क्रमांक यूपी 94 टी 1766 में रेत भरकर सुनालपुरा से चंदेरी अशोकनगर की ओर जा रहे थे। तभी रविवार लगभग 7.45 एक बुलेरो वाहन में सावर होकर आए आठ पुलिसकर्मियों द्वारा नए चौराहे पर हमको रोक लिया और हमसे रॉयल्टी की रसीद मांगी, जिस पर हमारे द्वारा अपना मोबाइल निकलकर मेसेज बताया इसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हमारा मोबाइल व नगद 20 हजार रुपये छीनकर चलते बने। घटना के बाद जब हम थाने पहुंचे तो वहां पर वही पैसे वसूलने वाले रामअवतार गुर्जर, दीपकचंद जाटव, नीरज राजा, होमगार्ड आदि आठ पुलिसकर्मी बैठे हुए थे और उक्त बुलेरो क्रमांक एमपी 33 सी 5321 रखी हुई थी। पीडि़तों के अनुसार उन्होंने थाने पर सूचना दी तो यह कहकर चलते करनेे का प्रयास किया कि अभी टीआई साहब नहीं है। जब पीडि़त टीआई धर्मेन्द्र सिंह यादव के बंगले पर पहुंचे तो वहां भी टीआई यादव उनसे नहीं मिले और वहां से भी उन्हें यह कहकर भगा दिया गया कि अभी टीआई साहब आराम कर रहे हैं, कल मिलेंगे। यहां खासबात यह है कि पुलिस का काम लोगों को सुरक्षा मुहैया कराना है, न कि लूटना। जब यह पुलिसकर्मी लोगों के साथ लूटपाट करेंगे तो फिर आम लोग किसके भरोसे पर सुरक्षित रहेंगे। अपुष्ट सूत्रों की मानें तो थाने में पदस्थ एक पुलिसकर्मी को टीआई का खुला संरक्षण प्राप्त है और वह रात्रि में अवैध वसूली में लिप्त रहता है। बताया तो यहां तक जाता है कि उक्त पुलिसकर्मी को टीआई अपने पूर्व के थाने से साथ लेकर आए हैं।
रात्रि में होती है वसूली!
सूत्रों से की मानें तो कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा रात्रि में सरकारी वाहन व कुछ दिनों पूर्व थाने में आई एक प्राइवेट बुलेरो कार में बैठकर वाहन चालकोंं से अवैध वसूली की जाती है। खासबात यह है कि जो नई बुलेरो थाने में लगाई गई उस पर अभी तक कहीं भी पुलिस नहीं लिखा गया है जिससे वाहन मालिकोंं दूर से को यह पता नहीं चलता है कि यह कार पुलिस की है। बताया तो यहां तक जाता है कि पुलिसकर्मियों द्वारा पत्थर वाहन और भूसे के वाहनों से रात्रि में वसूली की जाती है। बताया जाता है कि थाना क्षेत्र से आधा दर्जन से अधिक पत्थर वाहन निकलने जिनसे 600 रुपए प्रति वाहन वसूले जाते हैं। 
इनका कहना है
एक बुलेरो कार में सवार होकर आठ पुलिसकर्मी आए जिनमें से कुछ को मैंने पहचान लिया था। हमसे रॉयल्टी की मांग की इसके बाद मैंने मोबाइल में मैसेज बताया, लेकिन पुलिसवालों ने हमारी एक न सुनते हुए बंदूक अड़ाकर दोनों मोबाइल व 20 हजार रुपए छीन लिए।
मोनू राजा, डंपर मालिक
क्या कहते हैं अधिकारी
आपके द्वारा मामले को संज्ञान में लाया गया है, जल्द ही मामले की जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
कमल मौर्य, एड. एसपी शिवपुरी
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