इंदौर। चेहरा निखारने के लिए फर्जी डॉक्टर से इलाजकराना युवती को महंगा पड़ गया। कॉस्मेटिक थैरेपी के नाम पर किए गए इलाज से
उसके चेहरे पर बाल उग आए और झुर्रियां नजर आने लगी। युवती ने इसकी शिकायत
सीएमएचओ और पुलिस से की लेकिन कुछ नहीं हुआ। आखिर उसने कोर्ट में गुहार
लगाई। कोर्ट ने फर्जी डॉक्टर और उसके कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
करने के आदेश दिए।
कमला नेहरू कॉलोनी निवासी नीलम यादव जून 2016 में
पोर्टल पर विज्ञापन देखने के बाद सपना संगीता क्षेत्र स्थित पॉयजन एंटी
एजिंग क्लिनिक पर पहुंची। वहां कर्मचारी योत्सना और नीरज ने उन्हें बताया
कि क्लिनिक पर कॉस्मेटिक थैरेपी की जाती है। इसे लेने के बाद चेहरा निखर
जाएगा।
युवती ने क्लिनिक के डायरेक्टर अभिनित कुमार गुप्ता और परिधि
गुप्ता से भी बात की। युवती ने उनकी बातों पर विश्वास कर 20 हजार रुपए का
पैकेज ले लिया।
थैरेपी के दौरान उसके चेहरे पर लालपन और फफोले पड़ने
लगे। कुछ दिन में चेहरे पर बाल भी उग आए। युवती ने इसकी शिकायत क्लिनिक के
डायरेक्टरों से की तो उसे बताया गया कि कुछ दिन बाद दिक्कतें अपने आप खत्म
हो जाएंगी।
थैरेपी पूरी होने के बावजूद परेशानी खत्म नहीं हुई तो
उसने सीएमएचओ से शिकायत की। कहीं सुनवाई नहीं होने पर युवती ने एडवोकेट
प्रवीण कचोले के माध्यम से जिला कोर्ट में परिवाद दायर किया।
वकील ने
कोर्ट को बताया कि सीएमएचओ ने जांच के बाद प्रतिवेदन दिया है। इसमें
खुलासा हुआ है कि उक्त नाम से किसी क्लिनिक को लायसेंस जारी नहीं हुआ।
उक्त
नाम से डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला। जेएमएफसी बृजेश सिंह ने आरोपी
अभिनित, परिधि, योत्सना और नीरज के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धाराओं
में केस दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आरोपियों को 5 अक्टूबर को कोर्ट
में पेश करने के लिए कहा।




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