नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्योंके मुख्य सचिवों से 15 अगस्त तक देश के सभी व्यापारियों का जीएसटी के तहत
पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है।
प्रधानमंत्री ने इस काम में तेजी
लाने का निर्देश दिया है। ‘प्रगति’ के तहत प्रधानमंत्री ने जीएसटी के अलावा
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
प्रगति की
20वीं समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मुख्य सचिवों से तेजी से कार्य
करने तथा 15 अगस्त तक समस्त व्यापारियों का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के
तहत पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।
प्रधानमंत्री ने सीपीडब्ल्यूडी
तथा संपत्ति निदेशालय से संबंधित शिकायतों के समाधान में हुई प्रगति की भी
समीक्षा की। उन्होंने शहरी विकास मंत्रालय से आगे बढ़कर पूरी शिद्दत के साथ
इसकी निगरानी करने को कहा।
उन्होंने सीपीडब्ल्यूडी से अनुरोध किया कि
वह अपने सभी वेंडरों को गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) प्लेटफार्म में
पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित करें।
इसी के साथ प्रधानमंत्री
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की लंबे समय से अटकी परियोजनाओं की भी समीक्षा की।
इनमें रेल, सड़क तथा पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इनका
संबंध महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा,
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश से है।
इन
परियोजनाओं में रेलवे की चेन्नई बीच-कोरूक्कुपेट तीसरी लाइन, चेन्नई
बीच-अट्टीपट्टू चौथी लाइन, हावड़ा-आमटा-चंपाडंगा नई ब्रॉड गेज लाइन
परियोजना, सड़क की वाराणसी बाईपास फोर लेनिंग, मुजफ्फरनगर-हरिद्वार सेक्शन
(एनएच-58) परियोजना शामिल है।
इनमें से कई परियोजनाएं दशकों से अटकी हुई हैं। जबकि एक परियोजना चार दशक से पूरी नहीं हुई।
प्रधानमंत्री
ने सभी मुख्य सचिवों से कहा कि इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए
हर संभव कदम उठाएं ताकि लागत बढ़ने के कारण इन पर और ज्यादा पैसा बर्बाद न
हो।
मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति का भी जायजा
लिया। उन्होंने संबंधित विभागों से इन आवासीय परियोजनाओं में नई निर्माण
तकनीकों के अधिकाधिक इस्तेमाल का आग्रह किया।



