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Microsoft के नाम पर 3 लाख रुपए में बेचे सॉफ्टवेयर, निकले नकली

Microsoft के लिए चित्र परिणाम

इंदौर,। क्राइम ब्रांच ने नकली
सॉफ्टवेयर बेचने के आरोप में गिरफ्तार व्यवसायियों के ऑफिस में गुरुवार
दोपहर छापा मारा। यहां से कम्प्यूटर व हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर जब्त किए गए।
आरोपियों ने पूछताछ में दिल्ली के सप्लायरों के नाम कबूले हैं।
एएसपी
अमरेंद्र सिंह के मुताबिक कम्प्यूटर व्यवसायी दिलीप आसेरी (कागदीपुरा) की
रिपोर्ट पर आरोपी गगनजीत सिंह खुराना निवासी वैशाली नगर और उसके भाई
इंद्रपाल सिंह खुराना को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
फरियादी
ने पुलिस को बताया था कि एक साल पहले उसने निगम में सप्लाय करने के लिए
आरोपियों से माइक्रोसॉफ्ट विंडोज-7 के पांच और 8.1 के 20 सॉफ्टवेयर तीन लाख
रुपए में खरीदे थे। आरोपियों ने दिलीप को नकली सॉफ्टवेयर देकर ठग लिया।
पूछताछ
में खुलासा हुआ कि खुराना दिल्ली से नकली सॉफ्टवेयर खरीद कर इंदौर में
असली बताकर बेच रहा था। आरोपी ऑपरेट करने के लिए चाइना की का उपयोग करते
थे। गुरुवार को टीम दोनों आरोपियों को आरएनटी मार्ग स्थित सिल्वर मॉल लेकर
पहुंची और ऑफिस से नकली सामान जब्त किया।
बीई और डिप्लोमा करने के बाद शुरू की जालसाजी
आरोपी
गगन ने बीई और इंद्रपाल ने कम्प्यूटर में डिप्लोमा किया है। दोनों ने वर्ष
2007 में ओवरसीज इंटरनेशनल के नाम से सिल्वर मॉल में कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर
और हार्डवेयर खरीदने-बेचने का व्यवसाय शुरू किया। आरोपी नेहरू पैलेस से
नकली सॉफ्टवेयर खरीद कर अन्य व्यवसायियों को ठगते थे। गगन ने बताया कि केस
दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दोनों भाई अलग हो गए। गगन शेयर ट्रेडिंग से
जुड़ गया, जबकि इंद्रपाल ने रेस्टॉरेंट शुरू कर दिया।

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