ग्वालियर ! एसपी की टिप (गुप्त जानकारी) पर नकली अंगूठा लगाकर आरक्षक भर्ती की
ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए आए सॉल्वर को कॉलेज के स्टाफ ने पकड़ लिया।
सॉल्वर को छुड़ाने के लिए कॉलेज संचालक को 40 हजार रुपए की रिश्वत देने आए
युवक को भी पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पड़ताल में पता चला है कि
मोम के फर्जी थम इंप्रेशन (अंगूठे का निशान) मुरैना में बनाए जा रहे हैं।
इसी थम इंप्रेशन से पकड़ा गए सॉल्वर ने 3 छात्रों के स्थान पर सिपाही भर्ती
परीक्षा देना कबूल किया है। पुलिस फर्जीवाड़े में रैकेट को पकड़ने के लिए
रणनीति बना रही है। मंगलवार को नागाजी कॉलेज में
आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जी सॉल्वर के रैकेट के पकड़े जाने के बाद एसपी डॉ. आशीष ने जिन कॉलेजों
में परीक्षा के सेंटर पड़े हैं। उनके संचालक व केंद्राध्यक्ष को बुलाकर बताया था कि पता चला है कि
सॉल्वर
अपने थम पर नकली अंगूठा लेकर परीक्षा देने के लिए आ रहे हैं। जिसके कारण
पकड़ में नहीं आ रहे हैं। इसलिए परीक्षा हॉल में परीक्षार्थी के प्रवेश करने
के बाद उनके अंगूठों को अच्छी तरह से चेक करें।
ऐसे पकड़ में आया सॉल्वर
दर्पण
कॉलोनी में स्थित भारतीय विद्या मंदिर कॉलेज में छात्रों को परीक्षा हॉल
में प्रवेश देने से पहले उनका रजिस्ट्रेशन करते समय थम इंप्रेशन लिया। इसके
बाद थम आईडी चेक करने के साथ फिर से थम इंप्रेशन लिया। दोनों ही चरणों में
कोई फर्जी परीक्षार्थी पकड़ में नहीं आया। एसपी की टिप पर परीक्षार्थियों
के परीक्षा हॉल में प्रवेश करने के बाद परीक्षार्थियों को अंगूठे चेक किए
गए।
तीनों प्रक्रिया के बाद परीक्षा समाप्त होने के बाद फिर से
परीक्षार्थियों के थम इंप्रेशन लिए गए। कैलाशी पुत्र बनवारी लाल रावत
निवासी सबलगढ़ जिला मुरैना का थम इंप्रेशन मैच करने पर परीक्षक भी चकरा गए।
युवक का आईडी (वोटरकार्ड) चेक करने पर उस पर नाम कैलाशी रावत, जन्म दिनांक व
पता सही था। फोटो भी परीक्षा देने आए युवक का फोटो वोटर आईडी पर चस्पा था।
संदेह
के आधार पर युवक से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम भीम सिंह मीणा
पुत्र मोतीलाल मीणा (29वर्ष) निवासी सवाई माधौपुर राजस्थान बताया। युवक ने
कबूल किया कि वह कैलाशी रावत पुत्र बनवारी रावत निवासी चिन्नौनी जिला
मुरैना के स्थान पर परीक्षा देने के लिए आया था।
स्कैनर की पकड़ में कैसे नहीं आए?
–
स्कैनर जीवित व्यक्ति के सेंसर को पकड़ता है। क्योंकि मृत व्यक्ति के फिंगर
प्रिंट को नहीं लेता है। फिर स्कैनर की पकड़ में कैसे नहीं आए।
– ऑरिजनल थम इंप्रेशन में पसीने के छिद्र होते हैं। उससे पकड़ में आ जाते हैं।
– केवल मोम से तैयार किए जा सकते हैं थम इंप्रेशन। लेकिन उसे एक्सपर्ट आसानी से पकड़ सकते
हैं, क्योंकि नकली फिंगर प्रिंट केवल रेखा चित्र की तरह होंगे।
नकली ‘अंगूठे’ से आरक्षक की परीक्षा देने आया सॉल्वर और साथी पकड़ा
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