सिपाही भर्ती फर्जीवाड़े के रैकेट से जुड़े एक और युवक को स्टेशन से पुलिस ने पकड़ा

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ग्वालियर। सिपाही भर्ती फर्जीवाड़े के रैकेट से जुड़े एक और युवक को
स्टेशन से पुलिस ने पकड़ने का दावा किया है। लेकिन इस रैकेट का मुख्य सरगना व
परीक्षार्थी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही
है कि ये लोग अगूठे के चिन्ह का क्लोन कहां और कैसे बनाते थे? पकड़ में आए
युवक से भी से पुलिस को इस संबंध में काफी क्लू मिले हैं।
थाटीपुर
थाने के टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि शनिवार की सुबह सूचना मिली कि सिपाही
फर्जीवाड़े के रैकेट से जुड़ा विमल सिंह मीणा स्टेशन पर देखा गया है। पुलिस
के विमल को तलाशने पर वह शहर छोड़ने की तैयारी में था। पुलिस ने स्टेशन पर
घेराबंदी कर उसको पकड़ लिया। जबकि सूत्रों का कहना है कि सॉल्वर भीम सिंह
मीणा की सुरागदेही पर विमल को पुलिस मुरैना से पकड़कर लाई है।
अगूठे
के क्लोन के संबंध में महत्वपूर्ण क्लू मिले- पुलिस का कहना है कि अब तक की
पड़ताल में पता चला है कि विमल फर्जीवाड़े से सिपाही बनने के इच्छुक लोगों
की तलाश कराता था। और उन्हें अभिषेक रावत तक पहुंचाता था। यानी विमल
परीक्षार्थी, सॉल्वर व दलाल के बीच की कड़ी था। जबकि सूत्रों का कहना है कि
विमल से मूल परीक्षार्थी के अंगूठे के क्लून व फर्जी आईडी बनाने के संबंध
में विमल से महत्वपूर्ण क्लू पुलिस को मिले हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही
है।
रैकेटियर की तलाश- टीआई यशवंत गोयल ने बताया कि रैकेटियर अभिषेक
रावत व परीक्षार्थी कैलाशी रावत को पकड़ने के लिए मुरैना में कई स्थानों पर
पुलिस ने दविश दी। लेकिन दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके।
इनके पकड़े जाने के बाद अंगूठे क्लोन बनाने की तकनीक व बनाने वालों का पता
चल सकेगा। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।


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