विजय नगर क्षेत्र के गुरु नगर में पति से अलग रही लड़की और उसकी सहेली ने
एक साथ कोल्ड ड्रिंक्स में जहर मिलाकर पीया। केक काटकर सेलिब्रेशन किया और
अंतिम सेल्फी भी ली। इसके बाद मोबाइल फॉर्मेट कर दिया। दोनों का अलग-अलग
सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें दोनों ने जिंदगी से त्रस्त होकर जान देने की
बात लिखी है।
क्या है मामला…
-एक युवती कॉल सेंटर और दूसरी कैटरिंग का काम करती थी। एक महीने से दोनों किराए के मकान में साथ रह रही थीं।
-दो दिन से कॉल सेंटर पर न जाने पर उसका साथी घर पहुंचा तो घटना का पता
चला। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों के शव निकाले और पोस्टमार्टम के लिए
एमवायएच भेजे हैं।
-दो दिन से कॉल सेंटर पर न जाने पर उसका साथी घर पहुंचा तो घटना का पता
चला। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों के शव निकाले और पोस्टमार्टम के लिए
एमवायएच भेजे हैं।
दो दिन पहले खुदकुशी की है
-विजय नगर पुलिस के अनुसार युवतियों के नाम रचना पिता ओमप्रकाश चौधरी (25)
निवासी देवप्रकाश मार्ग धार और सहेली तन्वी पिता सरदार वास्कले (24) निवासी
ग्राम बामनिया बड़वानी हैं।
-दोनों गुरु नगर में 1 माह से किराए से रह रही थी। रचना जंजीरवाला चौराहा
स्थित जौहरी पैलेस में एक कॉल सेंटर में और तन्वी कैटरिंग का काम करती थी।
-पुलिस को जो सुसाइड नोट मिले हैं, उनमें तारीख 27 अगस्त लिखी है। इस हिसाब से दो दिन पहले खुदकुशी की है।
-विजय नगर पुलिस के अनुसार युवतियों के नाम रचना पिता ओमप्रकाश चौधरी (25)
निवासी देवप्रकाश मार्ग धार और सहेली तन्वी पिता सरदार वास्कले (24) निवासी
ग्राम बामनिया बड़वानी हैं।
-दोनों गुरु नगर में 1 माह से किराए से रह रही थी। रचना जंजीरवाला चौराहा
स्थित जौहरी पैलेस में एक कॉल सेंटर में और तन्वी कैटरिंग का काम करती थी।
-पुलिस को जो सुसाइड नोट मिले हैं, उनमें तारीख 27 अगस्त लिखी है। इस हिसाब से दो दिन पहले खुदकुशी की है।
साथी घर पहुंचा तो घटना का पता चला
-पुलिस के मुताबिक रचना के साथ कॉल सेंटर में काम करने वाले भूपेंद्र ने बताया वह दो दिन से फोन लगा रहा था। रिसीव नहीं हुआ।
-सोमवार को रचना जॉब पर भी नहीं आई तो मंगलवार को उसके घर पहुंचा। उसके
ऊपरी मंजिल पर रहने वाली किराएदार महिलाओं ने बताया कि रविवार से दोनों को
घर के बाहर निकलते नहीं देखा। -इस पर मकान मालिक विजय सिंह को सूचना दी। वे आए और रोशनदान से झांका तो दोनों के शव कमरे में पड़े थे। डायल 100 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया।
-पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा। एफएसएल टीम भी पहुंची। उसके मुताबिक दोनों की मौत रविवार शाम या रात में हुई है।
-पुलिस के मुताबिक रचना के साथ कॉल सेंटर में काम करने वाले भूपेंद्र ने बताया वह दो दिन से फोन लगा रहा था। रिसीव नहीं हुआ।
-सोमवार को रचना जॉब पर भी नहीं आई तो मंगलवार को उसके घर पहुंचा। उसके
ऊपरी मंजिल पर रहने वाली किराएदार महिलाओं ने बताया कि रविवार से दोनों को
घर के बाहर निकलते नहीं देखा। -इस पर मकान मालिक विजय सिंह को सूचना दी। वे आए और रोशनदान से झांका तो दोनों के शव कमरे में पड़े थे। डायल 100 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया।
-पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा। एफएसएल टीम भी पहुंची। उसके मुताबिक दोनों की मौत रविवार शाम या रात में हुई है।
पहले दोनों कैटरिंग में साथ काम करती थीं
-घटना स्थल पर पहुंचे एएसपी मनोज राय ने बताया कि आत्महत्या से पहले दोनों
ने मोबाइल फॉर्मेट कर दिए। उनके मोबाइल में सिर्फ दोनों की सेल्फी मिली है।
-खुदकुशी से पहले उन्होंने सेलिब्रेशन भी किया था। रचना भी पहले कैटरिंग कंपनी से जुड़ी थी, तभी उसकी तन्वी से दोस्ती हुई।
-बाद में वह कॉल सेंटर में काम करने लगी। रचना का 6 साल का बेटा है, जो धार
में नाना-नानी के साथ रहता है। परिवार में दो छोटे भाई हैं, एक आर्मी में
है जो चायना बॉर्डर पर पदस्थ है।
– वहीं दूसरा माता-पिता के साथ रहता है। पिता किराना दुकान संचालित करते
हैं। वहीं तन्वी के जीजा ने बताया कि वह परिवार से जॉब करने के लिए अलग रह
रही थी।
-घटना स्थल पर पहुंचे एएसपी मनोज राय ने बताया कि आत्महत्या से पहले दोनों
ने मोबाइल फॉर्मेट कर दिए। उनके मोबाइल में सिर्फ दोनों की सेल्फी मिली है।
-खुदकुशी से पहले उन्होंने सेलिब्रेशन भी किया था। रचना भी पहले कैटरिंग कंपनी से जुड़ी थी, तभी उसकी तन्वी से दोस्ती हुई।
-बाद में वह कॉल सेंटर में काम करने लगी। रचना का 6 साल का बेटा है, जो धार
में नाना-नानी के साथ रहता है। परिवार में दो छोटे भाई हैं, एक आर्मी में
है जो चायना बॉर्डर पर पदस्थ है।
– वहीं दूसरा माता-पिता के साथ रहता है। पिता किराना दुकान संचालित करते
हैं। वहीं तन्वी के जीजा ने बताया कि वह परिवार से जॉब करने के लिए अलग रह
रही थी।
शव पति को नहीं देना, बेटे को माता-पिता जैसा प्यार देना
-एएसपी मनोज राय के मुताबिक रचना ने दो पेज का सुसाइड नोट मां और पिता को
संबोधित करते हुए लिखा है कि वह अपनी मौत की जिम्मेदार खुद है। जीवन से
परेशान होकर यह कदम उठा रही है।
-पति अशोक के बारे में माता-पिता को लिखा है कि मेरे मरने के बाद शव आप धार
ले जाना और मेरा एक सुहागन की तरह अंतिम संस्कार मत करना, सिर्फ बेटी की
तरह करना।
-पति अशोक को मेरा शव मत देना। मैं उसके साथ नहीं रहना चाहती हूं, नफरत करती हूं।
-बेटे युग को अपने साथ रखकर माता-पिता जैसा प्यार देना। तन्वी ने एक पेज का
सुसाइड नोट दीदी और जीजा को संबोधित करते हुए लिखा है कि आई लव यू…।
-मैं अपने जीवन से त्रस्त हो चुकी हूं, इसलिए जान दे रही हूं। मेरे मृत्यु के बाद किसी परिजन को परेशान न किया जाए।
-एएसपी मनोज राय के मुताबिक रचना ने दो पेज का सुसाइड नोट मां और पिता को
संबोधित करते हुए लिखा है कि वह अपनी मौत की जिम्मेदार खुद है। जीवन से
परेशान होकर यह कदम उठा रही है।
-पति अशोक के बारे में माता-पिता को लिखा है कि मेरे मरने के बाद शव आप धार
ले जाना और मेरा एक सुहागन की तरह अंतिम संस्कार मत करना, सिर्फ बेटी की
तरह करना।
-पति अशोक को मेरा शव मत देना। मैं उसके साथ नहीं रहना चाहती हूं, नफरत करती हूं।
-बेटे युग को अपने साथ रखकर माता-पिता जैसा प्यार देना। तन्वी ने एक पेज का
सुसाइड नोट दीदी और जीजा को संबोधित करते हुए लिखा है कि आई लव यू…।
-मैं अपने जीवन से त्रस्त हो चुकी हूं, इसलिए जान दे रही हूं। मेरे मृत्यु के बाद किसी परिजन को परेशान न किया जाए।




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