नई दिल्ली] । भारतीय सेना के
पुनर्गठन और आधुनिकीकरण को लेकर बनी शेकटकर समिति की रिपोर्ट को सरकार ने
मंज़ूरी दे दी है। बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया।
सेना में टूथ टू टेल के आधार पर बदलाव किये जायेंगे। आर्मी की भाषा में टूथ
(लड़ाई के मैदान में लड़ने वाला) और टेल (लड़ाई लड़ने वाले की मदद देने वाला )
होता है।
रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पीके सहगल ने
खास बातचीत में इन सिफारिशों को सेना में लागू करने को बहुत ज़रूरी बताया ।
विश्व में समय-समय पर सभी देशों ने अपनी सेना के आधुनिकीकरण और मारक
क्षमता को बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाये हैं। जबकि भारत में आज़ादी के बाद से
सेना के आधुनिकीकरण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।2015 में तत्कालीन
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना के आधुनिकीकरण को लेकर एक स्टडी ग्रुप
बनाया था। सेना के रिटायर्ड लेफिटनेंट जनरल डीबी शेकटकर की अध्यक्षता में
11सदस्यीय समिति बनाई। समिति ने दिसंबर 2016 को अपनी रिपोर्ट तत्कालीन
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
इस
रिपोर्ट में सेना के आधुनिकीकरण और मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 99 सुझाव दिए
गए थे। जिसमें से 65 सुझावों को मंज़ूर दे दी गई है। इन सिफारिशों के लागू
होने से ब्रिटिश काल से चली आ रही प्रणाली की पुनर्संरचना की जाएगी। सुधार
के पहले चरण में सेना में अफसर जेसीओ,ओआर और असैन्यकर्मियों के लगभग 57,000
पदों का पुनर्गठन किया जाएगा। सिग्नल्स एवं इंजीनियरिंग कोर तथा ऑर्डिनेंस
इकाइयों का पुनर्गठन, कुछ इकाइयों का विलय तथा मिलिट्री फॉर्म्स को बंद
करना शामिल हैं। शेकटकर समिति की सिफारिशों के तहत किए जा रहे सुधार कार्य
के तहत सेना के 39 फार्म बंद करने को कहा गया है। इन जमीनों को डिफेंस
एस्टेट ऑफिस में बदलने का सुझाव है , जो बाद में सेना की विभिन्न इकाइयों
को उस समय मिली मंजूरियों और आकार के आधार पर भूमि मुहैया कराएगा।
रिपोर्ट में सेना के आधुनिकीकरण और मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 99 सुझाव दिए
गए थे। जिसमें से 65 सुझावों को मंज़ूर दे दी गई है। इन सिफारिशों के लागू
होने से ब्रिटिश काल से चली आ रही प्रणाली की पुनर्संरचना की जाएगी। सुधार
के पहले चरण में सेना में अफसर जेसीओ,ओआर और असैन्यकर्मियों के लगभग 57,000
पदों का पुनर्गठन किया जाएगा। सिग्नल्स एवं इंजीनियरिंग कोर तथा ऑर्डिनेंस
इकाइयों का पुनर्गठन, कुछ इकाइयों का विलय तथा मिलिट्री फॉर्म्स को बंद
करना शामिल हैं। शेकटकर समिति की सिफारिशों के तहत किए जा रहे सुधार कार्य
के तहत सेना के 39 फार्म बंद करने को कहा गया है। इन जमीनों को डिफेंस
एस्टेट ऑफिस में बदलने का सुझाव है , जो बाद में सेना की विभिन्न इकाइयों
को उस समय मिली मंजूरियों और आकार के आधार पर भूमि मुहैया कराएगा।
पीके
सहगल ने बताया की सैन्य फार्म, राष्ट्रीय कैडेट कोर,सैन्य डाक
प्रतिष्ठानों में तैनात सेना के लोगों को वहां से हटाकर आर्म्ड फ़ोर्स में
तैनात किया जायेगा सेना के बहुत सारे लोग NCC में तैनात हैं ऐसे लोगों को
वहां से हटाकर उनकी तैनाती सशस्त्र सेना में की जाएगी। इससे सेना में
मैनपावर बढ़ेगी। NCC जैसे संगठनो में ट्रेनिंग आदि देने के लिए सेना के
रिटायर्ड लोगों को शामिल किया जायेगा।जिससे उनको रोज़गार भी मिलेगा। इस तरह
से कदमो से सेना करीब 25000 करोड़ की बचत करेगी। इन पैसो को सेना के
आधुनिकीकरण पर खर्च किया जा जायेगा। इन सुधारों को 31 दिसंबर, 2019 तक
पूरा कर लिया जाएगा। भारतीय सेना के पुनर्गठन का उद्देश्य सेना की युद्ध
क्षमता बढ़ाना है।
सहगल ने बताया की सैन्य फार्म, राष्ट्रीय कैडेट कोर,सैन्य डाक
प्रतिष्ठानों में तैनात सेना के लोगों को वहां से हटाकर आर्म्ड फ़ोर्स में
तैनात किया जायेगा सेना के बहुत सारे लोग NCC में तैनात हैं ऐसे लोगों को
वहां से हटाकर उनकी तैनाती सशस्त्र सेना में की जाएगी। इससे सेना में
मैनपावर बढ़ेगी। NCC जैसे संगठनो में ट्रेनिंग आदि देने के लिए सेना के
रिटायर्ड लोगों को शामिल किया जायेगा।जिससे उनको रोज़गार भी मिलेगा। इस तरह
से कदमो से सेना करीब 25000 करोड़ की बचत करेगी। इन पैसो को सेना के
आधुनिकीकरण पर खर्च किया जा जायेगा। इन सुधारों को 31 दिसंबर, 2019 तक
पूरा कर लिया जाएगा। भारतीय सेना के पुनर्गठन का उद्देश्य सेना की युद्ध
क्षमता बढ़ाना है।





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