नई दिल्ली.मोदीकैबिनेट के आखिरी बड़े विस्तार से पहले गुरुवार शाम छह केंद्रीय मंत्रियों
ने एक के बाद एक इस्तीफे दे दिए। इनमें उमा भारती, कलराज मिश्र, राजीव
प्रताप रूडी, संजीव बाल्यान, महेंद्रनाथ पांडेय और निर्मला सीतारमण के नाम
शामिल हैं। इन्होंने दिन में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी की थी। देर शाम अमित शाह की मौजूदगी में इन्होंने संगठन महासचिव रामलाल को इस्तीफे सौंपे।
तीन फॉर्मूलों से तय हुआ मंत्रिमंडल से हटाना-लाना और कद बढ़ाना-घटाना…
– अभी तय नहीं है कि नए मंत्री कब शपथ लेंगे, पर नरेंद्र मोदी
3 सितंबर को चीन रवाना हो रहे हैं। इसलिए रविवार दोपहर से पहले शपथ ग्रहण
समारोह होने के आसार हैं। बिहार से राधा मोहन सिंह और मप्र से फग्गन सिंह
कुलस्ते से भी इस्तीफा मांगा गया है। पर देर रात तक साफ नहीं हो पाया कि
इन्होंने इस्तीफा दिया या नहीं।
– सूत्रों के अनुसार कैबिनेट फेरबदल में मोदी-शाह की जोड़ी का फोकस नए सामाजिक समीकरणों पर रहेगा।
3 सितंबर को चीन रवाना हो रहे हैं। इसलिए रविवार दोपहर से पहले शपथ ग्रहण
समारोह होने के आसार हैं। बिहार से राधा मोहन सिंह और मप्र से फग्गन सिंह
कुलस्ते से भी इस्तीफा मांगा गया है। पर देर रात तक साफ नहीं हो पाया कि
इन्होंने इस्तीफा दिया या नहीं।
– सूत्रों के अनुसार कैबिनेट फेरबदल में मोदी-शाह की जोड़ी का फोकस नए सामाजिक समीकरणों पर रहेगा।
–
ओबीसी मुद्दे पर लगातार संदेश दे रही सरकार कुछ नई जातियों के चेहरों को
सरकार में जगह दे सकती है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की सूची पर
तीन दिन तक मंथन किया।
ओबीसी मुद्दे पर लगातार संदेश दे रही सरकार कुछ नई जातियों के चेहरों को
सरकार में जगह दे सकती है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों की सूची पर
तीन दिन तक मंथन किया।
– प्रधानमंत्री के साथ भी कई बैठकें कीं।
गुरुवार रात भी दोनों ने संभावित नामों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री का भी
काम संभाल रहे जेटली ने कहा कि वह अब ज्यादा दिन रक्षा मंत्री नहीं रहेंगे।
गुरुवार रात भी दोनों ने संभावित नामों पर चर्चा की। रक्षा मंत्री का भी
काम संभाल रहे जेटली ने कहा कि वह अब ज्यादा दिन रक्षा मंत्री नहीं रहेंगे।
नए मंत्री 6 राज्यों से संभव
राज्य: गुजरात
वजह:भावनगर
की सांसद भारती स्याल मंत्री बन सकती हैं। वह राज्य में ओबीसी चेहरा हैं
और इस साल के अंत तक गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं।
की सांसद भारती स्याल मंत्री बन सकती हैं। वह राज्य में ओबीसी चेहरा हैं
और इस साल के अंत तक गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं।
राज्य: हिमाचल प्रदेश
वजह:
धूमल या उनके बेटे अनुराग ठाकुर आ सकते हैं। साल के अंत में विस चुनाव
जेपी नड्डा के नेतृत्व में लड़ने की योजना। ऐसे में नड्डा का जाना तय है।
धूमल या उनके बेटे अनुराग ठाकुर आ सकते हैं। साल के अंत में विस चुनाव
जेपी नड्डा के नेतृत्व में लड़ने की योजना। ऐसे में नड्डा का जाना तय है।
राज्य: कर्नाटक
वजह:सुरेश
अंगाड़ी लिंगायत समुदाय तो शोभा वोकालिंगा समुदाय से हैं। अगले साल मई के
चुनाव में लिंगायत और वोकालिंगा दोनों की भूमिका अहम होगी।
अंगाड़ी लिंगायत समुदाय तो शोभा वोकालिंगा समुदाय से हैं। अगले साल मई के
चुनाव में लिंगायत और वोकालिंगा दोनों की भूमिका अहम होगी।
राज्य : तमिलनाडु
वजह:
अन्नाद्रमुक से थंबीदुरई और मैत्रेयन का कैबिनेट मंत्री बनना तय है। इसके
साथ ही समझौते के मुताबिक इस पार्टी से दो राज्य मंत्री भी बनाए जाएंगे।
अन्नाद्रमुक से थंबीदुरई और मैत्रेयन का कैबिनेट मंत्री बनना तय है। इसके
साथ ही समझौते के मुताबिक इस पार्टी से दो राज्य मंत्री भी बनाए जाएंगे।
राज्य: उत्तरप्रदेश
वजह:4
मंत्रियों की छुट्टी हुई है। पर प. यूपी से संजीव बालियान की जगह मुंबई
के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह को मंत्री बनाया जा
सकता है।
मंत्रियों की छुट्टी हुई है। पर प. यूपी से संजीव बालियान की जगह मुंबई
के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह को मंत्री बनाया जा
सकता है।
राज्य : मध्यप्रदेश
वजह:
राकेश सिंह या प्रह्लाद पटेल में से एक मंत्री बनेंगे। मणिपुर चुनाव के
समय प्रभारी रहे पटेल को इनाम की ज्यादा संभावना। यहां भी अगले साल चुनाव
है।
राकेश सिंह या प्रह्लाद पटेल में से एक मंत्री बनेंगे। मणिपुर चुनाव के
समय प्रभारी रहे पटेल को इनाम की ज्यादा संभावना। यहां भी अगले साल चुनाव
है।
– इसके अलावा भूपेंद्र यादव और राम माधव को कैबिनेट में जगह संभव। हालांकि, यादव की जरूरत संगठन में ज्यादा बताई जा रही है।
तीन फॉर्मूलों से तय हुआ मंत्रिमंडल से हटाना-लाना और कद बढ़ाना-घटाना
1- जिन राज्यों में चुनाव हो गए, वहां से मंत्री कम कर चुनाव वाले राज्यों से मंत्रिमंडल में लाया जाए।
2- जिन मंत्रियों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं रहा उनकी छंटनी हो। एक्टिव नेताओं को जगह मिले।
3- जिनमें संगठनात्मक क्षमता है, उन्हें 2019 के आम चुनाव से पहले संगठन में लाया जाए।
3- जिनमें संगठनात्मक क्षमता है, उन्हें 2019 के आम चुनाव से पहले संगठन में लाया जाए।
गोयल और प्रधान का होगा प्रमोशन
–
पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता
है। यह लोग अपने काम राज्यमंत्री को सौंपकर संगठन में जुटेंगे। जेटली रक्षा
मंत्री का पद छोड़ेंगे।
पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता
है। यह लोग अपने काम राज्यमंत्री को सौंपकर संगठन में जुटेंगे। जेटली रक्षा
मंत्री का पद छोड़ेंगे।
– असम के मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा को रक्षा राज्यमंत्री बनाया जाएगा। शिवसेना से अनिल देसाई को सरकार में जगह मिल सकती है।
गडकरी को परिवहन मंत्रालय नहीं दिया तो बच जाएंगे प्रभु
– स्मृति ईरानी से वस्त्र मंत्रालय लेकर सूचना प्रसारण बरकरार रखा जाएगा।
विनय सहस्रबुद्धे को पर्यावरण में लाने की संभावना है। सुरेश प्रभु,
राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी बदलाव की जद में आ सकते हैं।
– स्मृति ईरानी से वस्त्र मंत्रालय लेकर सूचना प्रसारण बरकरार रखा जाएगा।
विनय सहस्रबुद्धे को पर्यावरण में लाने की संभावना है। सुरेश प्रभु,
राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी बदलाव की जद में आ सकते हैं।
– नितिन गडकरी
ने रेलवे को मिलाकर पीएमओ में चीन की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट विभाग बनाने का
प्रजेंटेशन दिया था। अगर ऐसा नहीं हुआ तो रेलवे प्रभु के पास ही रह सकता
है।
ने रेलवे को मिलाकर पीएमओ में चीन की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट विभाग बनाने का
प्रजेंटेशन दिया था। अगर ऐसा नहीं हुआ तो रेलवे प्रभु के पास ही रह सकता
है।
अभी ये मंत्रालय पड़े हैं खाली
–
वन और पर्यावरण मंत्रालय (अनिल माधव दवे की मौत की वजह से), शहरी विकास
मंत्रालय (वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद), रक्षा (मनोहर
पर्रिकर के गोवा का सीएम बनने के बाद से अरुण जेटली के पास अतिरिक्त
प्रभार), सूचना प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार स्मृति ईरानी के पास।
वन और पर्यावरण मंत्रालय (अनिल माधव दवे की मौत की वजह से), शहरी विकास
मंत्रालय (वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद), रक्षा (मनोहर
पर्रिकर के गोवा का सीएम बनने के बाद से अरुण जेटली के पास अतिरिक्त
प्रभार), सूचना प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार स्मृति ईरानी के पास।
रविवार तक कभी भी हो सकती है मंत्रियों की शपथ
–
पीएमओ ने कार्मिक विभाग को छह अधिकारी 1 सितंबर सुबह 9 से 11 बजे या 2
सितंबर शाम 5-7 बजे तक प्रोटोकाल के लिए तैयार रखने को कहा है। मोदी 3 से 7
सितंबर तक चीन-म्यांमार दौरे पर रहेंगे।
पीएमओ ने कार्मिक विभाग को छह अधिकारी 1 सितंबर सुबह 9 से 11 बजे या 2
सितंबर शाम 5-7 बजे तक प्रोटोकाल के लिए तैयार रखने को कहा है। मोदी 3 से 7
सितंबर तक चीन-म्यांमार दौरे पर रहेंगे।
– राष्ट्रपति रामनाथ
कोविंद 1 सितंबर को आंध्रप्रदेश के दौरे पर जाकर 2 सितंबर की दोपहर
लौटेंगे। ऐसे में शुक्रवार सुबह से लेकर रविवार दोपहर तक कभी भी शपथ ग्रहण
की संभावना है।
कोविंद 1 सितंबर को आंध्रप्रदेश के दौरे पर जाकर 2 सितंबर की दोपहर
लौटेंगे। ऐसे में शुक्रवार सुबह से लेकर रविवार दोपहर तक कभी भी शपथ ग्रहण
की संभावना है।
– मोदी जब वापस आएंगे तो 6 सितंबर से पितृपक्ष
शुरू हो जाएगा। यह 20 सितंबर तक चलेगा। ऐसे में तय है कि फेरबदल मोदी के
विदेश दौरे से पहले ही होगा।
शुरू हो जाएगा। यह 20 सितंबर तक चलेगा। ऐसे में तय है कि फेरबदल मोदी के
विदेश दौरे से पहले ही होगा।





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