शाह पहुंचे दिल्ली, जदयू, शिवसेना पर तस्वीर साफ नहीं

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को अपने
मंत्रिमंडल का विस्तार रविवार सुबह होगा। इसके पहले अमित शाह मथुरा से
दिल्ली पहुंच गए हैं और पीएम से मुलाकात कर सकते हैं। वहीं अब तक कई
मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया है और नए चेहरों को लेकर चर्चा जारी है।
वहीं खबर है कि इस पूरी कवायद में शिवसेना, जदयू और टीडीपी के सांसदों को
कैबिनेट में शामिल करने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
खबरों के
अनुसार पहले कहा जा रहा था कि जदयू के एनडीए में शामिल होने के बाद नीतीश
के दो सांसदों को मोदी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है लेकिन अब तक नीतीश को
इस मामले में कोई सूचना नहीं मिली है। टीडीपी के मंत्रिमंडल में शामिल
होने को तय माना जा रहा है लेकिन कौन मंत्री बनेगा। शिवसेना को लेकर भी
स्थिति स्पष्ट नहीं है। जानकारी के अनुसार आरएसएस की बैठक में गए अमित शाह
ने संघ प्रमुख के साथ बैठकर मंत्रियों को लेकर लिस्ट को अंतिम रूप दिया जा
चुका है।
9 मंत्री हो सकते हैं शामिल
मोदी
रविवार को अपनी कैबिनेट में तीसरी बार फेरबदल करेंगे। इसके बाद उनके
मंत्रिमडल ने 9 नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। विस्तार रविवार की सुबह
राष्ट्रपति भवन में दस बजे होगा। वहीं एक सप्ताह के अंदर भाजपा केंद्रीय
संगठन में भी बड़ा बदलाव हो सकता है।
भाजपा के छह मंत्रियों का
इस्तीफा हो चुका है। महेंद्र नाथ पांडे को जहां उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान
दी जा चुकी है। वहीं राजीव प्रताप रूड़ी, संजीव बालियान और फग्गन सिंह
कुलस्ते को टीम मोदी से हटाकर टीम शाह में जगह मिलेगी। उन्हें संगठन के
अंदर जिम्मेदारी दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा को जल्द ही
किसी प्रदेश में राज्यपाल की जिम्मेदारी मिलेगी। जबकि श्रम मंत्री बंडारू
दत्तात्रय को आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में सक्रिय होने को कहा जाएगा। उसी
लिहाज से जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भले ही
इस्तीफे की पेशकश कर दी है लेकिन माना जा रहा है कि विभाग में बदलाव के साथ
वे मंत्रिमंडल में बने रहेंगे।
नए मंत्रियों के रूप में जिन नामों
की अटकल है उसमें महाराष्ट्र से विनय सहस्त्रबुद्धे, मध्य प्रदेश से
प्रहलाद पटेल, कर्नाटक से प्रहलाद जोशी या सुरेश आंगड़ी, गुजरात से डॉ.
भारती धीरूभाई, पश्चिम बंगाल से रूपा गांगुली का नाम शामिल है।
अधिकतर
मंत्रियों के नामों पर फैसला राज्यों में आगामी चुनाव और जातिगत संतुलन के
लिहाज से किए जा रहे हैं। हिमाचल और उत्तराखंड से भी एक एक मंत्री बनाए जा
सकते हैं। इसके अलावा जदयू और अन्नाद्रमुक के कोटे से दो दो और शिवसेना से
एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इन दलों को शनिवार की सुबह तक मंत्री
पद के लिए नाम भेजने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि कैबिनेट
विस्तार के अगले चार पांच दिनों के अंदर ही संगठन का भी बहुप्रतीक्षित
विस्तार हो जाएगा। मंत्रिमंडल से हटाए गए कुछ मंत्रियों को संगठन में
महत्वपूर्ण पद मिलेगा। ध्यान रहे कि महासचिव पद पर भी दो सीटें रिक्त हैं।
जबकि संविधान के अनुसार उपाध्यक्ष पद पर शाह अभी छह और लोगों को नियुक्त कर
सकते हैं। इसमें दक्षिणी और पूर्वी राज्यों का संतुलन साधने की कोशिश
होगी।


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