नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम
सिंह को रेप के दो मामलों में दोषी ठहराये जाने के बाद 25 अगस्त को रोहतक
के सुनारिया जेल में भेज दिया गया है। इसी जेल से जमानत पर बाहर निकले एक
कैदी ने बताया कि रुपहले पर्दे पर भगवान के रूप में नजर आने वाला यह बाबा
किसी कायर की तरह जेल में चीख और चिल्ला रहा था।
दलित एक्टिविस्ट
स्वदेश किरद पिछले नौ महीनों से इसी जेल में बंद थे और बुधवार को ही वह
जमानत पर बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें राम रहीम के पास एक हाई
सिक्योरिटी सेल में बंद किया गया था। उसने पूरी रात बाबा के चीखने की आवाज
सुनी थी।
वह कह रहा था कि मेरी क्या गलती थी। मैंने क्या किया है?
रात में रोते हुए अधिकारियों से वह कह रहा था कि जेल की कोठरी का दरवाजा
बंद नहीं करें, मुझे डर लगता है। 28 अगस्त को सीबीआई की एक अदालत ने दो
साध्वियों के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में उसे 20 साल जेल की सजा सुनाने
के साथ ही 30 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।
भव्य जीवनशैली के
लिए मशहूर बाबा राम-रहीम ने रात में बोतलबंद पानी की मांग की थी। उसे जेल
कैंटीन से यह मुहैया कराया गया। सभी कैदियों के जेल में खाते होते हैं, इसी
तरह से राम रहीम का खाता खोलने के बाद उसे भी जेल कैंटीन से बोतलबंद मिनरल
वॉटर दिया गया। उसने जेल का खाना नहीं खाया, लेकिन जेल मैनुअल के तहत उसे
खाने के लिए फल दिए गए थे।
स्वदेश किरद ने दावा किया कि सजा सुनाए
जाने के दिन 50 वर्षीय डेरा प्रमुख इतना उदास था कि वह भी नहीं चल सकता था।
तब से उसने अपना लो प्रोफाइल बना रखा है और ज्यादा खाना नहीं खाता है।
डेरा प्रमुख जेल के अंदर कैपरी और टी-शर्ट पहनता है। हालांकि, जेल अधीक्षक
सुनील संगवान ने कहा था कि अब बाबा को अपने निजी कपड़े नहीं पहनने दिए
जाएंगे।
जेल में डर गया है राम रहीम
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