
करैरा।
नंप करैरा के अधिकारियो और जनप्रतिनिधियो की हीलाहवाली के चलते ब्रिटेश
शासन के समय का महुअर नदी पर बना पुल दिन प्रतिदिन अपनी सुंदरता खोता जा
रहा है लेकिन नंप और स्थानीय प्रशासन इस और कतई ध्यान नही दे रहा है जिससे
यह कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। आज इस पुल की हालात ज्यादा काफी खराब
बनी हुई है। जब कभी भी करैरा में तेज बारिश हो जाती है या पुल पर पानी
इकठ्ठा जमा हो जाता है तो यह और भी खतरनाक बन जाता है समय रहते अगर नंप के
द्वारा पुल पर बने गड्ढो की कोई उचित व्यवस्था नही की। तो कभी भी बड़ा
हादसा हो सकता है। नंप करैरा की अनदेखी के कारण ही महुअर नदी के पुल पर बने
दो दो फुट गहरे गड्ढो को न तो भरा जा रहा है और न ही पानी को निकालने के
लिए पुल पर हॉल किया गया जो पुल के दोनो साईड से बरसात का पानी निकल सके।
पुल पर गहरे गहरे गड्ढे हो जाने से यह अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है इसके
बाबजूद प्रशासन कतई ध्यान नही दे रहा है।
रात्रि के समय आती है परेशानी
करैरा
महुअर नदी के पुल पर बने गहरे गहरे गड्ढे रात्रि के समय निकलने बाले वाहनो
चालको सहित राहगीरों को बिलकुल भी दिखाई नही देते जिसके चलते पुल से
निकलने बाले नागरिको को मोटर चालक प्रतिदिन गिर रहे है और चोटिल भी हो रहे
है। इसके अलावा महुअर नदी के पुराने पुल पर नंप ने आज तक एक भी स्ट्रीट
लाइटे भी नही लग वाई है। जिससे रात्रि के समय पुल पर अँधेरा पसरा रहता है।
करैरा आई टी बी पी जाने का एक मात्र है रास्ता
आई
टी बी पी करैरा और शिवपुरी भितरबार नरवर की ओर जाने का यह रास्ता आज नंप
की अनदेखी के चलते बदहाल स्तिथि में है इस आई टी बी पी मार्ग पर बने पुल की
हालात काफी खस्ता हाल में पड़ी हुई है। यहां से आज भी प्रतिदिन बड़े बड़े
सभी वाहन निकलते है जो ग्वालियर शिवपुरी नरवर के लिए जाते है और तो और सारी
बसे यही से होकर निकलती है। अगर समय रहते हुए इस क्षतिग्रस्त पुल का ध्यान
नही दिया गया तो कभी भी कुछ हो सकता है।
इनका कहना
-महुअर
नदी का पुल हमारे कार्य क्षेत्र में नही आता है यह ग्वालियर ब्रज बालो के
कार्यक्षेत्र में चला गया है। नंप को लिखित रूप से शिकायत करना चाहिए।
विमल जैन, उपयंत्री पी डब्लू डी विभाग






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