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टमाटर-मिर्ची के पौधे पीले पड़े उत्पादन गिरने की आशंका बढ़ी

Image result for खेतों को साफ करने में जुटे किसानक्षेत्र में टमाटर का रकबा वैसे ही कम हो गया है। वहीं टमाटर पर
बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इस कारण उत्पादन ज्यादा प्रभावित
होगा। क्षेत्र में टमाटर को इस बार पुनः ब्लाइट नामक बीमारी ने घेर लिया
है। इसके चलते टमाटर के पौधे पीले पड़ने लगे है। इससे उत्पादन प्रभावित
होगा।
तेज गर्मी के कारण ब्लाइट नामक बीमारी होती है और बारिश होने
से फसल में फैलती जाती है। बीमारी के कारण पौधों का विकास रुककर वे पीले
पड़ने लग जाते हैं और फल नहीं आता है। किसानों को चिंता है कि यदि बीमारी का
प्रकोप अधिक फैल गया तो इस बार पुनः टमाटर में नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों ने पिछले वर्ष भी अधिक उत्पादन होने के बावजूद भाव नहीं मिल पाने
के कारण नुकसान उठाया था और इस बार बीमारी का प्रकोप होने से नुकसान होने
की आशंका व्यक्त की जा रही है। क्षेत्र में टमाटर और मिर्ची का प्रचुर
उत्पादन होता है, किंतु किसानों को शासन-प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं
मिल पाती है। इस कारण किसान अपने स्वयं के ही विवेक से इस प्रकार की फसलों
का उत्पादन करते हैं, जहां कई बार किसानों को अज्ञानता के चलते नुकसान भी
हो जाता है। समय पर उचित इलाज नहीं दे पाने के कारण फसलों में कई प्रकार की
बीमारियों का प्रकोप भी हो जाता है।
समर्थन मूल्य तय हो, ताकि नुकसान न उठाना पड़े
क्षेत्र
के किसानों की मांग है कि टमाटर व मिर्ची की फसल बोने वाले किसानों का
प्रशासन को समय-समय पर प्रशिक्षण आयोजित कर उन्हें उचित प्रबंधन की सीख भी
देना चाहिए। इसके साथ ही टमाटर और मिर्ची की फसल के उत्पादन में सर्वाधिक
कीटनाशक का प्रयोग होता है। इस कारण यह फसल किसानों को बहुत ही महंगी पड़ती
है और फिर अधिक खर्च करने के बाद उचित दाम नहीं मिलने पर किसान निराश होने
पर इस फसल से रुख मोड़ लेते है। इससे उत्पादन में गिरावट आती है। इसके लिए
किसानों ने कई बार आंदोलन किया और मांग की कि टमाटर और मिर्ची की फसल का
समर्थन मूल्य तय किया जाए ताकि नुकसान नहीं उठाना पड़े।
आधी से ज्यादा फसलें बर्बाद
-खेतों को साफ करने में जुटे किसान
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