जयपुर। राजस्थान के बारां जिले के एक निजी स्कूल मेंकक्षा तीसरी में पढ़ने वाली एक बच्ची को उसके शिक्षकों ने ऐसी सजा दी कि वह
पिछले सात दिन से बिस्तर पर पड़ी है। स्कूल प्रबंधन सजा देने वाले दो
शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया है।
जिला बाल कल्याण समिति ने पुलिस को जुवेलाइन जस्टिस एक्ट के तहत शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
सात
साल की वैश्वणी गोस्वामी समरानिया के मां शारदा पब्लिक स्कूल में पढ़ती
है। 12 सितम्बर को स्कूल मे पढ़ाई के दौरान गणित के शिक्षक हरिचरण प्रजापत
ने बच्ची को 15 का पहाड़ा सुनाने को कहा। बच्ची सुना नहीं पाई तो प्रजापत
ने बच्ची को 50 दंड बैठक लगाने की सजा दे दी। अगला पीरियड अंग्रेजी का था।
इसमें शिक्षक सोनू सरकार ने बच्ची से कुछ स्पैलिंग पूछी, बच्ची नहीं बता
पाई तो उसने भी बच्ची को 20 दंड बैठक लगाने की सजा दे दी। इस सजा से बच्ची
की हालत खराब हो गई। वह घर पहुंची तो माता-पिता उसे डाक्टर के पास ले गए।
तब से वह बिस्तर पर है। उसे चलने में भारी परेशानी हो रही है।





Be First to Comment