शिकार बना चुका ब्लू व्हेल गेम अब छोटे शहरों और कस्बो तक पहुंच गया है।
राजस्थान में झुझुनूं जिले के छोटे से कस्बे बिसाउ के सरकारी सीनियर
स्कूल में यह जानलेवा गेम खेल रहे चार बच्चों का पता चला है। इनमें से एक
बच्चे को टास्क पूरा नहीं करने पर माता-पिता को मारने की धमकी दी गई है।
यह
मामला तब सामने आया जब सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य कमलेश कुमार तेतरवाल
ने प्रार्थना सभा में छात्रों को ब्लू व्हेल गेम के नुकसान के बारे में
जानकारी दी। स्कूल में पढ़ने वाले नौवीं कक्षा के एक छात्र ने अपने साथियों
को बताया कि वह भी ब्लू व्हेल गेम खेल रहा है। साथियों ने यह बात
प्राचार्य तक पहुंचाई तो उसने बच्चे को बुला कर बात की। मोबाइल मंगवाया तो
उसमें यह गेम था।
छात्र ने बताया कि वह और स्कूल के अन्य तीन साथी यह
गेम खेल रहे हैं। इनमें से वह छात्र तीसरी और तीन अन्य छात्र अलग-अलग
स्टेज पर है, लेकिन वे अन्य छात्र कौन से है यह वह नहीं जानता। यह सुनकर
प्रधानाचार्य ने तुरंत जिला कलक्टर से सम्पर्क किया। कलक्टर ने मनोचिकित्सक
डॉ. कपूर थालौर को स्कूल मे भेजा और बच्चे की काउंसिलंग कराई।
काउंसलिंग
में सामने आया कि नौवीं कक्षा का यह छात्र पूरी तरह गेम के जाल में फंस
चुका है। उसने बताया कि वह इस स्टेज पर गेम को नहीं छोड़ सकता। यदि वह ऐसा
करेगा तो उसके घरवालों को जान से मार दिया जाएगा। छात्र के अनुसार ब्लू
व्हेल गेम खिलाने वाले ने उसके पिता के फोन नम्बर और पता ले रखा है। खेल
बीच में छोड़ने पर वो उसके मम्मी-पापा को मार देंगे।
छात्र ने बताया
कि उसे गेम का लिंक फेसबुक से मिला था। उसने मोबाइल पर फेसबुक आईडी बना रखी
है। एक दिन अचानक से गेम खेलने का लिंक आया और उस पर क्लिक करते ही ब्लू
व्हेल गेम मोबाइल में डाउनलोड हो गया। वह दो स्टेज पार कर चुका है।अब स्कूल
प्रशासन अन्य तीन छात्रों की तलाश में जुटा है।





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