थानेदार ने दूसरी शादी कर पत्नी व बच्चों को ठुकराया बच्चों को लेकर न्याय के लिए दर-दर की टोकरें खाती पीडि़ता, पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार

शिवपुरी। देहात थाना क्षेत्र के ग्राम बरेठा की रहने वाली विवाहित महिला धनवंती गुर्जर ने आज पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचकर अपने पति अमरसिंह गुर्जर पुत्र करन सिंह गुर्जर जो वर्तमान में थाना प्रभारी थाना टेंटरा जिला मुरैना में पदस्थ हैं, पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पति द्वारा दूसरी महिला शादी कर ली तभी से वह फरियादी एवं उसके बच्चों के साथ उसके पति का व्यवहार बदल गया है और आये दिन भरण-पोषण देना भी बंद कर दिया गया है जिससे उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 
    पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में धनवंती गुर्जर ने बताया कि 30 वर्ष पूर्व उसका विवाह हिन्दू रीतिरिवाज से अमरसिंह गुर्जर के साथ हुआ था। शादी के बाद उसके यहां दो पुत्री व एक पुत्र हुआ। शादी के 20 वर्षों तक तो सबकुछ ठीक-ठाक चलता रहता, लेकिन इसके बाद फरियादी के पति अमरसिंह का प्रमोशन हुआ और वह ग्वालियर में पदस्थ हुए। जहां अमरसिंह का संपर्क एक महिला से हुआ जिसका नाम संजू यादव बताया। इसके बाद से अमरसिंह का व्यवहार में अचानक परिवर्तन आया और फरियादी के उसके बच्चों के साथ मारपीट की जाने लगी। इस दौरान फरियादी के हाथ में भी चोट आई है जिसका निशान अभी भी है। बच्चों की मारपीट कर उनकी शिक्षा व भरण पोषण की भी जिम्मेदारी उठाने से इंकार कर दिया। पीडि़ता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।

-बिना तलाक दिए आखिर कैसे की दूसरी शादी
फरियादी ने बताया कि उसके पति द्वारा बिना मुझे बताए दूसरी शादी कर ली गई है। फरियादी ने बताया कि जब अमरसिंह से बता की जाती है तो उसका कहना था मेरा तुमसे कोई संबंध नहीं है मैंने दूसरी शादी कर ली है। जबकि कानून के अनुसार बिना तलाश दिए कोई भी व्यक्ति दूसरी शादी नहीं कर सकता अगर कोई भी ऐसा करता है तो वह गैरकानूनी है।

-बच्चों का भविष्य अंधकार में
फरियादी के अनुसार पति द्वारा भरण पोषण नहीं करने के कारण उसकी बड़ी बेटी अंजली की शिक्षा बीच में बंद हो गई। उसके पुत्र चंद्रपाल की भी पढ़ाई 10 वी कक्षा के बाद धन के अभाव में बंद हो गई। जबकि छोटी बेटी पति के पास रहती है जिसका वह ठीक से भरण पोषण नहीं किया जा रहा है और डर के मारे उसकी बेटी कुछ भी बोल नहीं पाती है।

-भरण पोषण राशि दिलाने की मांग की
प्रार्थिया द्वारा प्रतिमाह 20 हजार भरण पोषण राशि, 10 हजार बच्चों की पढ़ाई के लिए,  20 हजार रुपए इलाज के लिए, 5 हजार निवास के लिए की मांग की है, साथ ही पति द्वारा दी जा रही धमकी से उसे सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रार्थिया ने मांग की है कि उसके पति के विरूद्ध घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाये।


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