अजयराज सक्सेना
शिवपुरी। शहर के कई हिस्सों में दीवाली से पहले देशी पटाखे बनाने का काम तेजी से चल रहा है, इनमें पत्थर फोड़ा सहित देशी पटाखा बम बनाए जा रहा है। इस कारोबार में बच्चों से लेकर बूढ़े तक जुटे हैं। यह कारोबार नवरात्र से शुरु होकर दीवाली तक तेजी से चलता है। कई बार हादसे होने के बाद भी इस कारोबार पर अंकुश नहीं लगा है। घनी बस्ती में पटाखे बनने से लोगों की जान माल को खतरा बना रहता है। बैसे तो शहर में शादी समारोह के लिए आतिशबाजी बनाई जाती है लेकिन दीवाली के पहले शहर में यह काम बड़े पैमाने पर शुरु हो जाता है। कारोबारी जिस घर में रहते हैं वहीं पर आतिशबाजी बनाकर उसका स्टाक करते हैं। जिससे पूरे मोहल्ले को खतरा बना रहता है। इस खतरनाक कारोबार में जुटे लोगों पर आतिशबाजी बनाने का कोई लायसेंस नहीं होता है। इसके अलावा यह भी जांच का विषय ही है कि इतनी भारी मात्रा में बारुद और पोटास यह लोग कहां से लाते हैं। इसकी किसी को खबर नहीं और न ही प्रशासनिक अधिकारी इस ओर गौर कर रहे हैं। इस वजह से हर समय खतरा बना रहता हैं।
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बिना लायसेंस चलता कारोबार
शहर में आतिशबाजी बनाने का लायसेंस किसी के पास नहीं है, इसके बाद भी वर्षों से यह कारोबार चल रहा है। हर साल शहर में हादसे भी होते हैं। इसके बाद भी प्रशासन और पुलिस अवैध रूप से आतिशबाजी बनाने वालों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। करोबारी तो जान हथेली पर लेकर पटाखे बनाते ही हैं। इनके कारोबार से पड़ोस और मोहल्ले वाले भी दहशत में रहते हैं।
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इन क्षेत्रों में चल रहा है कारोबार
शहर के कोर्ट रोड, न्यूब्लॉक, सदर बाजार, कमलागंज, पुरानी शिवपुरी, शक्तिपुरम खुड़ा, संजय कॉलोनी, इन्दिरा कॉलोनी, सईसपुरा, लोहारपुरा की पुलिया के पास सहित रिहायशी इलाकों में पटाकों का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि कोर्ट रोड पर दो स्थानों पर बड़ी विस्फोटक सामग्री का भण्डारण किया जा रहा है।
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उंगलियां गिनने योग्य हैं लायसेंस
जिले में विस्फोटक सामग्री के भण्डारण के लायसेंसधारकों की बात करें तो सूत्रों से जानकारी मिली है उसके अनुसार थोक विक्रेता के लायसेंस उंगलियों पर गिनने योग्य ही हैं जबकि दर्जनों की संख्या में लोगों द्वारा विस्फोटक सामग्री का भण्डारण किया जा रहा है। इस तरीके से किए जा रहे भण्डारण से आसपास रहने वाले लोगों को जानमाल का खतरा बना हुआ है।
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ध्यान नहीं दिया तो सरकार को लगेगा लाखों का चूना
विस्फोटक सामग्री पर सरकार द्वारा 28 प्रतिशत जीएसटी लागू किया गया है, लेकिन बाजार में दुकानदारों द्वारा बिना पक्की रसीद के लोगों को सामान का बिक्रय किया जा रहा है। अगर प्रशासन द्वारा जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकार को लाखों रुपए का चूना लगना तय है। इसके अलावा आम नागरिकों को भी अपनी सजगता दिखाना चाहिए और उन्हें भी पक्के बिल के साथ ही आतिशबाजी को खरीदना चाहिए।
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दीपावली के 6 दिन शेष फिर भी प्रशासन नहीं दिखाई सक्रियता
अभी दीपावली के मात्र 6 दिन ही शेष रह गए है इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा न तो अभी अस्थाई लायसेंस जारी किए गए हैं और न ही अस्थाई दुकानदारों के स्थान चिन्हित किया है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा अभी न अवैध भण्डारण एवं बनाने वालों के खिलाफ कोई सख्त कार्यवाही नहीं की गई है। अब देखना है कि प्रशासन कब चेतेगा।
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इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। यदि इस तरीके से कोई भी कार्य चल रहा है तो तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाएगी।
तरुण राठी
कलेक्टर शिवपुरी






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