करैरा। सिंचाई विभाग करैरा के खिरिया पुनावली जल संस्था पर वर्ष 2013 और 2014 में पायलट प्रोजेक्ट परियोजना के तहत सी सी माइनर कैनाल का कार्य एक करोड़ से अधिक राशि से किया गया था जिसमे ठेकेदार और उपयंत्री ने चिनोद तालाब की सी सी माइनर में करोड़ो के बारे न्यारे कर करोड़ो की योजना को पलीता लगा दिया । जिसकी अगर निष्पक्ष रूप से जाँच हो जाये तो ठेकेदार सिचाई के अधिकारी सलाखों के पीछे नजर आएंगे।
उक्त आशय की जानकारी में जल संस्था अध्यक्ष करण लोधी ने बताया है कि खिरिया पुनावली संस्था में सी सी माइनर का काम खिरिया पुनावली से ऊटवाह तक 2 किलो मीटर तक हुआ वही दूसरा काम ग्राम चिनोद तालाब से मुगांवली तक डेढ़ किलो मीटर तक हुआ जो बहुत ही घटिया स्तर से किया गया है। पिछले तीन सालों में इस माइनर से एक दिन भी पानी नही छोड़ा गया बरसात के पानी से इस सी सी माइनर की स्थिति बिना छोड़े क्षति ग्रस्त बन गई है । जब इसका काम शुरू हुआ तब सिचाई विभाग में उपयंत्री कैलाश रॉय थे आज यह डिवीजन में एसडीओ के पद पर कार्यरत है। इनके समय में हुये जब सी सी माइनर के निर्माण कार्य की सूचना के अधिकार के तहत जानकारी ग्राम मुगांवली के हरिराम आदिवासी 9 फरवरी 2017 को लगाई एक माह बीत जाने के बाद जब इसकी जानकारी नही मिली तो शिवपुरी जिले में अपील की गई हर माह यह आदिवासी शिवपुरी करैरा स्थित कार्यालय में चक्कर लगाता है लेकिन जानकारी आज तक नही दी गई । सिचाई विभाग करैरा में ठेकेदार और इंजीनियर ने पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत करोड़ो की राशि खुर्दबुर्द की गई है। जानकारी मांगे जाने पर कहते है की हमारे पास इसका रिकॉर्ड नही है जिले से मिलेंगा और जिले बाले कहते है की करेरा से इसका रिकॉर्ड मिलेंगा जबकि हकीकत यह की इस प्रोजेक्ट में इंजीनियर और ठेकेदार ने फर्जी तरीके से शासन की राशि को बंदरबाट किया है। अगर निष्पक्ष रूप से जाँच करा ली जाये तो बहुत बड़ा घपला उजागर हो सकता है।
इनका कहना
इस वर्ष 2017 में मुझे चार्ज बड़े ही शिकायत करने के बाद मिला मेरी संस्था में इंजीनियर सहित ठेकेदार ने शासन की राशि को खुर्दबुर्द किया। निष्पक्ष अगर जाँच करा ली जाये तो बहुत बड़ा मामला करैरा सिचाई विभाग का उजागर हो गया जिसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है।
करण लोधी खिरिया पुनावली जल संस्था अध्यक्ष
-मुझे इस बारे में अभी कोई जानकारी नही है हाँ एक व्यक्ति ने जानकारी मांगी थी वह हमारे पास नही आया है आप उसको भेज दो हम जानकारी दे देंगे । अभी मैने इस गांव की माइनर को नही देखा है जल्द ही मै इस गांव में जाकर सी सी की गुणवत्ता को देखूंगा इसके बाद कुछ कहूँगा।
ओपी गुप्ता, सहायक यंत्री सिचाई विभाग शिवपुरी






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