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दूधियों की हड़ताल से शहर में रही दूध की किल्लत दूध के दाम बढ़ाने को लेकर महापंचायत में लिया था फैसला

शिवपुरी। दूध के दाम घटाए जाने से परेशान दूधियों ने शनिवार को चिंताहरण मंदिर पर महापंचायत का आयोजन किया था जिसमें सभी दूधियों ने शपथ ली थी कि जब दूध के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे तब तक दूध की सप्लाई नहीं करेंगे। इसी फैसले के तहत आज रविवार को दूधियों द्वारा शहर में दूध की सप्लाई नहीं की। दूध की सप्लाई न होने से शहर में दूध का संकट गहरा गया। दूध की सप्लाई न होने से चाय के होटलों पर चाय नहीं मिली, वहीं डेयरियों पर दूध नहीं मिला। सुबह के समय केवल उन डेयरियों पर ही दूध मिला जिनके पास कल का दूध स्टॉक में रखा हुआ था। 

दूधियों के अनुसार दीपावली के बाद हर साल डेयरी संचालक व हलवाई दूध में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करते हैं, लेकिन इस बाद दूध के दाम 32 से 34 करने के बजाय 2 रुपए घटाकर 30 रुपए लीटर कर दिये। जिसे लेकर दूधियों मेें आक्रोश था। इसी के परिणामस्वरूप आज दूधियों ने हड़ताल शुरू कर दी। हड़तालियों का कहना है कि जब तक दूध के दाम 36 रुपए प्रति लीटर नहीं कर दिए जाएंगे तब तक दूध की हड़ताल जारी रहेगी। यहां बताना होगा कि शहर में करीब 54 लाख रुपए प्रतिदिन दूध का कारोबार होता है और आज की इस हड़ताल से कारोबार प्रभावित हुआ है। 

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1100 रुपए के अर्थदंड का प्रावधान

दूधियों ने पंचायत में फैसला लिया था कि यदि कोई दूधिया हड़ताल खत्म होने से पहले बाजार में दूध बेचने के लिए आया तो उस पर 1100 रुपए का अर्थदंड रोपित किया जाएगा। उसके दूध को न तो फेंका जाएगा और न ही दूध बेचने वाले दूधिए के साथ अभद्रता होगी। उसे दूधिया समाज के बीच में लाकर उसकी गलती का अहसास कराया जाएगा। 

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