करैरा। करैरा अनुविभाग के सिरसोना छितीपुर जेतपुर खदान जिसमे रेत का दाना तक नही इन लीज खदानों के नाम पर रेत माफियाओ ने अवैध रूप से महुअर सिंध नदी से लगे खेतो को किसानो से खरीदकर या फिर सरकारी जमीन में जेसीबी एलएनटी मशीनों को चलाकर खनिज विभाग के सारे नियम कानून को घूंटी पर टागकर करैरा पुलिस और अन्य विभागों में सिस्टम में बैठाकर हर माह लाखो की रेत निकाल रहे है जिससे करोड़ो रूपये क्षति राजस्व हो रही है । जब इसकी शिकायत कैविनेट मंत्री यशोधरा राजे से की गई तो कलेक्टर ने तत्काल रूप से करैरा के रेत कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे जो आजतक रद्दी की टोकरी में दवे है । ग्राम सिरसोना छितीपुर के किसानो से लिखित रूप से पत्रकारो को बताया है कि सिरसोना की खदान जिस व्यक्ति के नाम से है उसका इस खदान से कहि से कही तक कोई वास्ता नही लेकिन एक करैरा के मुस्लिम व्यक्ति को करैरा निवासी होने के नाते पिछोर के लोंगो ने करेरा के व्यक्ति के नाम से सिरसोना की लीज करा दी और करेरा में एक फेरी लगाकर कपड़ा बेचने बाला व्यक्ति इस खदान से जुड़कर आज करोड़ पति बन गया अगर इसके आयकर विभाग का छापा पड़ जाये तो यह अपनी काली कमाई का व्यूरा नही दे पायेगा जिसने करेरा जंप के आधा दर्जन से ज्यादा गांव में नदी से लगी जमीन को रेत के निकालने के लिए जमीन को खरीद लिया है जो आज खेतो को खोदकर रेत बनाकर 8 हजार रूपये में डम्पर मालिको को बेचते है इन खदानो से प्रतिदिन दस से 15 डम्पर कुचलौन बम्हारी बसौरा कुरौल डामरौंन कला डामरौंनखुर्द खिरिया छितीपुर खदान के है वही सिरसोना खदान के सिल्लारपुर बघरा साजौर बरौदी रहरगवा सिरसोना बडौरा टीला जुझाई तिसाटा से भरकर निकल रहे है । जो शिवपुरी गुना अशोकनगर तक बिचने को जाते है । वही करैरा अभ्यारण के समोहा अंदौरा दिहायला धमधौली बीजौर चितारी खड़ीचा में एक व्यक्ति अपनी जमीन से निकली सिंध नदी से उत्खनन करके प्रतिदिन 5 से 6 डम्पर भरे जाते है जो प्रतिदिन करैरा से होकर निकलते है लेकिन करैरा पुलिस और अभ्यारण विभाग की टीम चांदी की चमक के आगे इनको नही पकड़ती है।
बॉक्स
इनका कहना
अगर कोई भी व्यक्ति इस प्रकार से रेत का कारोबार करता है तो यह गैर क़ानूनी है जल्द इन गांव में एक टीम भेजकर ऐसे रेत कारोबारियों पर मामला दर्ज करायेंगे।
अंकित अस्थाना, एसडीएम (आईएएस) करैरा





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