सिरसौद। शिवपुरी जिले में गरीबों की गरीबी का मजाक उड़ाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में शिवपुरी के ग्राम बिनेगा और चंदनपुरा में बीपीएल कार्डधारी परिवारों के घरों पर मेरा परिवार गरीब है अंकित करने का मामला सामने आया ही था, कि आज एक फिर इसी तरह का मामला ग्राम सिरसौद में सामने आया है।
उल्लेखीनय है कि एक ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गरीबों के हित के लिए तमाम घोषणाएं कर रहे हैं। वही दूसरी ओर शिवपुरी जिले में सहरिया आदिवासी एवं अनुसूचित जाति वर्ग के साथ जिला प्रशासन द्वारा भद्दा मजाक किया जा रहा है। यहां पर इन परिवारों के घरों पर मेरा परिवार गरीब है, के वाक्य लिखे गए हैं। ग्रामीण परिवारों ने बताया कि प्रशासन की ओर से कुछ लोग आए थे और उन्होंने बताया कि यह वाक्य तुम्हारे घरों की दीवारों पर लिखे जाने से तुम्हे गेहूं, चावल सहित दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। लेकिन यहां पर कई परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल रहा है साथ ही पीएम आवास सहित दूसरी योजनाओं के लाभ से भी यहां क ग्रामीण वंचित बने हुए हैं।
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शिवराज की मंशा पर भारी पड़ रही अफसरशाही
शिवपुरी जिले की अफसरशाही मप्र के सीएम शिवराज सरकार की मंशा पर भारी पड़ रही है। अभी हाल ही में सेसई में आयोजित सहरिया सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह ने सहरिया आदिवासियों के विकास के लिए करोड़ों रुपए के बजट वाली घोषणाएं की लेकिन विनेगा गांव में सहरिया आदिवासियों के घरों पर उनकी गरीबी को चिंहित करने के लिए दीवार लिखवा दी गईं। अब इस मामले में जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
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लॉ स्टूडेंट की शिकायत पर नोटिस जारी
सहरिया आदिवासी परिवारों के साथ हो रहे इस भेदभाव की शिकायत उड़ीसा लॉ कॉलेज के छात्र अभय जैन ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को की है। इस शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग हरकत में आया है। लॉ स्टूडेंट अभय जैन ने बताया कि आयोग ने शिवपुरी जिला प्रशासन और मप्र सरकार से उक्त मामले में नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जबाव मांगा है। शिकायतकर्ता अभय जैन ने कहना है कि यहां पर आदिवासी परिवारों की गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है।
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क्या कहते हैं लॉ स्टूडेंट
विनेगा गांव में सहरिया आदिवासियों की गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है। यहां पर इन परिवारों के घरों पर मेरा परिवार गरीब है लिख दिया गया है। इस मामले में मेरी शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह में पूरी रिपोर्ट मांगी है।
अभय जैन, लॉ स्टूडेंट शिवपुरी






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